Tesla-Tata Group Relation: टेस्ला की भारत में एंट्री, टाटा की इन कंपनियों की होगी बल्ले-बल्ले

Tesla-Tata Group Relation: टाटा ग्रुप के कंपनियों की एलॉन मस्क (Elon Musk) की ईवी कंपनी टेस्ला (Tesla) के साथ पहले से कारोबारी कनेक्शन है। अब टेस्ला भारत में एंट्री करने वाली है तो टाटा ग्रुप की इन कंपनियों को फायदा मिलेगा। जानिए कि टाटा की किन कंपनियों की टेस्ला से साझेदारी है और ये क्या-क्या सप्लाई करती हैं?

अपडेटेड Mar 21, 2025 पर 9:49 AM
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टाटा ग्रुप के कंपनियों की टेस्ला के साथ वैश्विक सप्लाई एग्रीमेंट्स है जिन्होंने वित्त वर्ष 2024 में टेस्ला को 200 करोड़ डॉलर की सप्लाई की।

Tesla-Tata Group Relation: वैश्विक ऑटो मार्केट में आधी हिस्सेदारी वाली टेस्ला (Tesla) का टाटा ग्रुप से भी कनेक्शन है। टाटा ग्रुप की टाटाऑटोकॉम्प, टीसीएस, टाटा टेक और टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स इसकी अह सप्लायर बनकर उभरी हैं। अब चूंकि टेस्ला भारत में एंट्री करने वाली है तो मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक टाटा के ये कंपनियां खुद को एक बड़ी भूमिका निभाने के लिए तैयार कर रही हैं। इंडस्ट्री के सीनियर शख्स ने कहा कि जब टेस्ला भारत में अपनी मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी यहां स्थापित कर लेगी तो भारतीय कंपनियों को सप्लाई के बड़े मौके मिलेंगे। रिपोर्ट के मुताबिक टेस्ला की सीनियर ग्लोबल प्रोक्यूरमेंट टीम ने सप्लायर्स से बातचीत भी की है जिसमें कास्टिंग्स, फॉर्जिंग्स, इलेक्ट्रॉनिक्स और फैब्रिकेशन आइटम जैसे अहम कंपोनेंट्स के डेवलपमेंट और प्रोडक्शन पर चर्चा हुई।

Tesla के सप्लाई चेन में क्या है Tata की भूमिका

टाटा ग्रुप के कंपनियों की टेस्ला के साथ वैश्विक सप्लाई एग्रीमेंट्स है जिन्होंने वित्त वर्ष 2024 में टेस्ला को 200 करोड़ डॉलर की सप्लाई की। अब बात करते हैं कि टेस्ला और टाटा ग्रुप की कंपनियों के बीच क्या लेन-देन होता है। टाटा ऑटोकॉम्प इलेक्ट्रिक गाड़ियों के लिए इंजीनियरिंग प्रोडक्ट्स की सप्लाई करती है, टाटा टेक्नोलॉजीज एंड-टू-एंड प्रोडक्ट लाइफसाइकिल मैनेजमेंट प्रदान करती है, टीसीएस सर्किट-बोर्ड तकनीक देती है तो टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स से चिप और टेस्ला की बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम्स के लिए प्रिटेंड सर्किट बोर्ड एसेंबलीज, मोटर कंट्रोलर्स और डोर कंट्रोल्स के सप्लाई की उम्मीद है।


टेस्ला का क्या है पूरा प्लान?

भारत में विस्तार की रणनीति के तहत टेस्ला मैन्युफैक्चरिंग बेस के लिए राजस्थान, गुजरात, तमिलनाडु, महाराष्ट्र और तेलंगाना से बातचीत कर रही है। इससे न सिर्फ भारत में टेस्ला की स्थिति मजबूत होगी बल्कि लोकल सप्लायर्स के लिए नए कारोबारी मौके खुलेंगे। टाटा ग्रुप के साथ टेस्ला के वैश्विक सप्लाई एग्रीमेंट्स हैं और अब टेस्ला भारत में एंट्री करेगी तो इससे टाटा और टेस्ला के बीच साझेदारी और मजबूत होगी। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक टेस्ला भारतीय कंपनियों से वायरिंग हार्नेस, इलेक्ट्रिक मोटर्स, गियरबॉक्स, फॉर्ज्ड पार्ट्स, कास्टिंग्स, शीट मेटल, हाई-वैल्यू इलेक्ट्रॉनिक्स, सस्पेंशन सिस्टम्स और इलेक्ट्रिक पावरट्रेन समेत कई कंपोनेंट्स खरीद सकती है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक टेस्ला अभी संवर्धन मदरसन, सुप्रजीत इंजीनियरिंग, सोना बीएलडब्ल्यू प्रिसिजन फोर्जिंग्स, वैरोक इंजीनियरिंग, भारत फोर्ज और संधार टेक समेत एक दर्जन से अधिक कंपनियों से अहम पार्ट ले रही है। इस बीच टेस्ला ने कथित तौर पर चीन के बाहर बेचे जाने वाले वाहनों के अपने सप्लायर्स को अगले साल की शुरुआत में कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग को चीन और ताइवान से बाहर ट्रांसफर करने का निर्देश दिया है।

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