टाटा (Tata) इलेक्ट्रिक गाड़ियों (EV) में इस्तेमाल होने वाली बैट्री बनाने के लिए अपना नया प्लांट ब्रिटेन में बनाने वाली है। इससे जुड़ा ऐलान आज हो सकता है। न्यूज एजेंसी रायटर्स को यह जानकारी सूत्रों के हवाले से मिली है। इससे पहले टाटा इलेक्ट्रिक जगुआर और लैंडर रोवर वेईकल्स के नई रेंज की सप्लाई के लिए एक साइट स्पेन और दूसरा दक्षिण पश्चिम इंग्लैंड के सोमरेस्ट में खोज रही थी। अब सूत्रों ने बताया कि ईवी बैट्री का नया प्लांट ब्रिटेन में बन सकता है लेकिन इस मामले में क्या बातचीत चल रही है, इसे लेकर सरकारी प्रवक्ता ने कुछ भी कहने से मना कर दिया है। टाटा ने भी इस पर कुछ कहने से इनकार किया है। टाटा ने जो जगह चुनी है, वह सलमांसा ग्रुप का है और सलमांसा ग्रुप ने भी इस मामले में कुछ नहीं कहा।
ब्रिटेन के लिए बड़ी उपलब्धि
टाटा अगर ईवी बैट्री का अपना प्लांट ब्रिटेन में बनाती है तो यह ब्रिटेन के लिए बड़ी जीत होगी। ब्रिटेन स्थानीय स्तर पर इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) बैटरी क्षमता बनाने की वैश्विक दौड़ में शामिल होने की कोशिश कर रहा है और टाटा का यह कदम उसे इस दौड़ में आगे रखने में मदद करेगा। इससे ब्रिटेन की गाड़ी कंपनियों को ब्रेग्जिट यानी यूरोपीय संघ ((EU) से अलग होने के बाद व्यापार से जुड़े नियमों का पालन करने में मदद भी मिलेगी। ब्रिटेन में ईवी बैट्री बनती है तो 2024 से ब्रिटेन और यूरोपीय संघ के बीच कारोबार पर टैरिफ से इसे मुक्ति मिलेगी।
इसके अलावा टाटा के इस कदम से ब्रिटिश प्रधानमंत्री ऋषि सुनक के उस लक्ष्य को भी सपोर्ट मिलेगा, जिसके तहत 2030 तक पेट्रोल और डीजल की नई कारों की बिक्री पर रोक समेत नेट जीरो कॉर्बन का लक्ष्य तय किया गया है। इसके अलावा इकॉनमी को भी सपोर्ट मिलेगा।
Tata को सरकार से मिलेगा यह फायदा
ब्रिटेन में ईवी बैट्री का प्लांट लगने से ब्रिटेन को फायदा तो मिलेगा ही, बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक टाटा को भी करोड़ों पाउंड की सब्सिडी मिल सकता है। ब्रिटिश संसद के बिजनेस कमेटी के प्रमुख डैरेन जोन्स ने जगुआर रोवर लैंड (JLR) के ब्रिटेन में बैट्री प्रोडक्शन में निवेश के फैसले का स्वागत किया है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि कंपनी इस फैसले पर कायम रहे, इसके लिए सब्सिडी पैकेज पर विचार किया जाएगा।