Kanwal Singh Rekhi : अमेरिका में नैस्डैक स्टॉक एक्सचेंज (Nasdaq stock exchange) में वेंचर बैक्ड कंपनी एक्सेलान (Excelan) को लिस्ट कराने वाले पहले भारतीय-अमेरिकी शख्स कंवल सिंह रेखी ने प्राइवेट मार्केट में मंदी और गिरावट के लिए सीधे तौर पर टाइगर ग्लोबल (Tiger Global) और सॉफ्टबैंक (SoftBank) को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि वे गलत लोग हैं। ऐसे हालात उन्होंने ही पैदा किए हैं और फिर ‘सब कुछ बिगड़ गया।’ उन्होंने भारी मात्रा में पूंजी लगाई। मैंने दो साल पहले ही मंदी का अनुमान लगा लिया था। हैं। रेखी ने 1982 में Excelan की स्थापना की और 1985 में प्रेसिडेंट और सीईओ बन गए थे। 1987 में कंपनी नैस्डैक में लिस्ट हो गई थी और 1989 में इसका नॉवेल (Novell) के साथ मर्जर हो गया था।
स्टार्टअप फंडिंग मार्केट के संकट का पहले ही था अंदाजा
रेखी TiE (The IndUS Entrepreneurs) के कोफाउंडर भी हैं और TiE के ग्लोबल बोर्ड के ट्रस्टी भी हैं। वह फिलहाल ग्लोबल इनवेस्टमेंट कंपनी इनवेंटस कैपिटल पार्टनर्स (Inventus Capital Partners) के कोफाउंडर और एमडी हैं।
उन्होंने काफी समय पहले ही ग्लोबल स्टार्टअप फंडिंग मार्केट में आने वाले संकट का अंदाजा लगा लिया था। यह 77 वर्षीय दिग्गज निवेशक 50 से ज्यादा स्टार्टअप्स में निवेश कर चुका है। उनके पोर्टफोलियो के छह स्टार्टअप अभी तक लिस्ट हो चुके हैं, जिनमें PolicyBazaar और Nutanix शामिल हैं।
सिर्फ ग्रोथ को अहमियत देना सही नहीं
मनीकंट्रोल के साथ बातचीत में रेखी ने मौजूदा दौर पर कहा, लोग मनी को कमोडिटी मानकर सामने आ रहे हैं और सिर्फ ग्रोथ की अहमियत दे रहे हैं, लेकिन यह प्रोसेस टिकाऊ नहीं है। आखिर में इनवेस्टर अपने पैसे पर रिटर्न देखता है। आपके पास विशेषकर भारत में ऐसी कंपनियां हैं जो प्रॉफिटेबिल नहीं हैं और इनके भविष्य में प्रॉफिटेबिल बनने की कोई संभावना नहीं है। इसलिए, यह गिरावट जरूरी है। पैसा बिल्कुल भी फ्री नहीं है।
हमेशा पूंजी नहीं मांग सकते आप
उन्होंने कहा कि प्रॉफिटेबिल हुए बिना आप हमेशा पूंजी की उम्मीद नहीं कर सकते। स्टार्टअप मार्केट में लेट स्टेज मनी गायब हो गया है क्योंकि पैसे का उचित रिटर्न के लिए सही इस्तेमाल नहीं किया गया था। अर्ली स्टेज इनवेस्टर्स की तुलना में लेट स्टेज इनवेस्टर्स जोखिम नहीं लेते। वे सीड, सीरीज ए और सीरीज बी मनी की तरह रिस्क कैपिटल उपलब्ध नहीं कराते।