Tomato Prices: देश की राजधानी दिल्ली में अगले हफ्ते तक टमाटर के भाव 40 रुपये तक सस्ते हो सकते हैं। आजादपुर सब्जी मंडी के तीन थोक व्यापारियों ने शुक्रवार 4 अगस्त को मनीकंट्रोल के साथ एक बातचीत में यह उम्मीद जताई। उन्होंने कहा कि पड़ोसी राज्यों, खासतौर से हिमाचल में बाढ़ और बारिश की स्थिति में सुधार होने से टमाटर की आवक बेहतर हुई है। इसके चलते टमाटर का थोक भाव शुक्रवार को घटकर 4,000 रुपये प्रति कैरट पर आ गया, जो दो दिन पहले तक 5,000 रुपये प्रति कैरट था। एक कैरेट में 25 किलो टमाटर आते हैं। टमाटर के थोक व्यापारियों ने कहा कि अगले हफ्ते तक इस भाव में और नरमी आने की उम्मीद है।
थोक व्यापारी विनय ने मनीकंट्रोल को बताया, "टमाटर के भाव में नरमी आई है। आज (4 अगस्त) मंडी में टमाटर का थोक भाव 3,500 से 4,000 रुपये प्रति कैरेट है। करीब 15 दिन पहले यानी 20 जुलाई के आसपास यह रेट 2,500 से 3,000 रुपये प्रति कैरेट का था। बीच में कुछ समय के लिए यह रेट 5,000 रुपये प्रति कैरेट तक चला गया था।"
हालांकि विनय ने आगे टमाटर की भाव गिरने की उम्मीद जताई। उन्होंने कहा, "आने वाले 2-3 दिनों में टमाटर का भाव गिरने की उम्मीद है क्योंकि पीछे जहां से टमाटर आ रहा है, वहां पर भाव गिर गया है। उम्मीद है कि अगले सोमवार (7 अगस्त) के बाद भाव 1,000 रुपये प्रति कैरेट तक कम हो सकता है।" बाकी दो आढ़तियों ने भी ऐसी ही उम्मीद जताई है।
एक कैरेट में 25 किलो टमाटर होते हैं। प्रति कैरेट 1,000 रुपये तक भाव सस्ता होने का मतलब है कि प्रति किलो 40 रुपये तक टमाटर सस्ता हो सकता है। हालांकि टमाटर की खुदरा कीमतें पर यह असर कम हो सकता है।
मंडी में टमाटर खरीदने आए खुदरा सब्जी विक्रेताओं ने बताया कि हर कैरेट में कम से 2 से 3 किलो टमाटर खराब निकल जाते हैं। ये टमाटर काफी दूर से मंडी में आते हैं। ऐसे में कैरेट में नीचे दबे होने या रास्ते में लगे हिचकोलों के चलते हर कैरेट में थोड़े टमाटर खराब निकल जाते हैं। इसके चलते खुदरा व्यापारियों की प्रति किलो टमाटर लगात थोड़ी अधिक हो जाती है।
आजादपुर मंडी, सिर्फ भारत की ही नहीं बल्कि पूरे एशिया की सबसे बड़ी सब्जी मंडी है। यहां बेंगलुरु, राजस्थान, हिमाचल सहित तमाम राज्यों से टमाटर बिक्री के लिए आते हैं।