दिग्गज सीमेंट कंपनी- अल्ट्राटेक सीमेंट (UltraTech Cement Ltd) ने उन रिपोर्ट्स का खंडन किया है, जिनमें कंपनी को सीमेंट कार्टेल के मामले में भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) की जांच के दायरे में बताया गया है। कंपनी ने एनडीटीवी की एक रिपोर्ट समेत सभी रिपोर्ट्स को 'भ्रामक और तथ्यहीन' करार दिया है। उसाक कहना है कि उसे अब तक CCI से न तो कोई आदेश मिला है, न ही किसी तरह की जानकारी या दस्तावेज पेश करने को कहा गया है।
कानूनी कार्रवाई की चेतावनी
5 जुलाई को स्टॉक एक्सचेंज को दी गई फाइलिंग में UltraTech Cement ने स्पष्ट किया कि कंपनी केस नंबर 35/2020 में न तो पक्षकार है और न ही जांच के अंतर्गत है। हालांकि, उसकी सब्सिडियरी India Cements Ltd इस मामले में पार्टी है और वह अलग से सभी जरूरी खुलासे कर रही है।
UltraTech ने कहा कि वह इस 'गलत और भ्रामक रिपोर्टिंग' को लेकर कानूनी विकल्पों पर विचार कर रही है और अगर जरूरी हुआ, तो कानूनी कार्रवाई करेगी।
NDTV समेत कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि CCI ने UltraTech Cement, Dalmia Bharat और Shree Digvijay Cements को आदेश दिया है कि वे कथित कार्टेलाइजेशन से जुड़े दस्तावेज जमा करें। जैसे कि वित्तीय विवरण, टैक्स रिटर्न और बिक्री डेटा। यह मामला ONGC की एक शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया था।
CCI के 26 मई 2025 के आदेश के अनुसार, India Cements को FY15 से FY19 तक के वित्तीय दस्तावेज जमा करने होंगे। वहीं, Dalmia Bharat और Shree Digvijay Cements को FY11 से FY19 तक के ऑडिटेड वित्तीय स्टेटमेंट, टैक्स रिकॉर्ड और PSU टेंडर्स से जुड़ा बिक्री डेटा उपलब्ध कराना होगा।
आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि अगर कोई कंपनी गलत या अपूर्ण जानकारी देती है, तो Competition Act की धारा 45 के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
UltraTech और India Cements का कॉर्पोरेट लिंक
UltraTech Cement ने दिसंबर 2024 में India Cements Ltd में 32.72% हिस्सेदारी खरीदकर प्रमोटर की भूमिका संभाली थी। इससे पहले UltraTech के पास पहले से ही 22.77% इक्विटी हिस्सेदारी थी।