शिवम मध्य प्रदेश में एक सरकारी ऑफिस में कंप्यूटर ऑपरेटर हैं। उन्होंने फरवरी में नई नौकरी तलाश करनी शुरू की, क्योंकि हर महीने 10,000 रुपये की सैलरी काफी कम पड़ रही थी। उन्होंने यूट्यूब पर Relevel का एक ऐड देखा। यह एडटेक यूनिकॉर्न Unacademy का प्लेटफॉर्म है। अनएकैडमी में जापान के सॉफ्टबैंक ने इनवेस्ट किया है।
Relevel के बिजनेस का तरीका अलग है। यह नौकरी तलाशने वाले लोगों को एक टेस्ट देने के लिए कहता है। यह टेस्ट क्लियर होने के 15 दिन के अंदर नौकरी मिलने का दावा करता है। शिवम ने तुरंत ‘HR & Talent Acquisition Specialist Test’ के लिए अप्लाई कर दिया। यह टेस्ट फ्री है। क्लियर हो जाने पर कैंडिडेट को सालाना 10 लाख रुपये पैकेज की गारंटी दी जाती है। Unacademy के सीईओ गौरव मुंजाल को अक्सर Twitter पर इस कोर्स की मार्केटिंग करते देखा गया है।
Shivam को यह कोर्स जरूरत से ज्यादा लुभावना लगा। फिर भी उसने इसे देने का फैसला किया। एक बार, दो बार, तीन बार, चार बार देने के बाद भी वह इस टेस्ट को क्लियर नहीं कर पाए। निराश होकर उन्होंने इसे छोड़ने का फैसला किया। तभी उन्हें Relevel के एक सेल्स काउंसलर का फोन आया। काउंसलर ने उन्हें बताया कि 18,750 रुपये का एक कोर्स है, जिसे करने के बाद वह इस टेस्ट को आसानी से क्लियर कर सकेंगे।
काउंसलर ने यह भी बताया कि कंपनी ने यह पाया है कि वह चार बार टेस्ट दे चुके हैं। उसने कहा कि अगर यह टेस्ट क्लियर हो गया तो सालाना 6-8 लाख रुपये की सैलरी पक्की है। यह 10 लाख रुपये भी जा सकती है। उसने शिवम से कहा कि टेस्ट क्लियर कने के बाद उन्हें 15 दिन में नौकरी मिल जाएगी।
शिवम ने कोर्स करने के बाद टेस्ट भी क्लियर कर लिया। लेकिन, उन्हें नौकरी मिलने का इंतजार है। उन्होंने बताया कि उन्हें LinkedIn और Glassdoor के जरिए पिछले छह महीने में तीन कंपनियों से जॉब के ऑफर आ चुके हैं। लेकिन उन्होंने Relevel के जरिए आने वाले जॉब ऑफर के लिए उन्हें रिजेक्ट कर दिया। शिवम ऐसा अकेले व्यक्ति नहीं है। उनकी तरह कई लोग पहले तो Relevel का टेस्ट क्लियर नहीं कर पाते। फिर उन्हें कंपनी कोर्स करने के लिए तैयार करती है।
कम से कम 300 कैंडिडेट ने कंपनी के 'एचआर एंड टैलेंट एक्विजिशन स्पेशियलिस्ट टेस्ट' दिए हैं। उन्हें बताया गया था कि टेस्ट क्लियर होने के 15 दिन के अंदर जॉब मिल जाएगी। लेकिन, Relevel यह वादा पूरा करने में नाकाम रही है। 300 कैंडिडेट्स में से सिर्फ 3 को जॉब मिली है। इससे बाकी कैंडिडेट बहुत निराश हैं। यही नहीं इस कोर्स की फीस अब बढ़ाकर 90,000 रुपये कर दी गई है।
Relevel के सीईओ शशांक मुरली ने जॉब नहीं मिलने के कैंडिडेट के आरोपों को खारिज किया है। मनीकंट्रोल के साथ इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि कुल 300 कैंडिडेट्स में से सिर्फ 100 ने कोर्स पूरा करने के बाद टेस्ट दिए। मुरली ने पिछले साल की शुरुआत में Unacademy ज्वाइन की थी। Unacademy ने दरअसल उनके स्टार्टअप TapChief का अधिग्रहण किया था। इसके बाद वह अनएकैडेमी से जुड़ गए।