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ईरान से लड़ाई ने अमेरिका में खत्म की सस्ती दरों की उम्मीद! एक्सपर्ट्स का ये है मानना

अमेरिकी फेडरल रिजर्व के चेयरमैन जेरोम पॉवेल का कार्यकाल 15 मई को समाप्त हो रहा है। ऐसे में फेडरल रिजर्व की मंगलवार को होने वाली बैठक उनके नेतृत्व में आखिरी होगी। इसमें अनुमान लगाया जा रहा है कि ब्याज दरों को स्थिर रखा जा सकता है। जानिए कि इसके बाद की बैठक में क्या फैसला हो सकता है और अगले चेयरमैन को लेकर क्या हो रहा है

Edited By: Jeevan Deep Vishawakarmaअपडेटेड Apr 26, 2026 पर 1:17 PM
ईरान से लड़ाई ने अमेरिका में खत्म की सस्ती दरों की उम्मीद! एक्सपर्ट्स का ये है मानना
एक्सपर्ट्स का मानना है कि फेडरल रिजर्व नीतिगत दरों को 3.50-3.75% की रेंज में स्थिर रख सकता है।

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के चलते सप्लाई चेन प्रभावित हुआ है और एनर्जी प्राइसेज हाई बने हुए हैं। ऐसे में इस बात के आसार जताए जा रहे हैं कि अमेरिका का केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व अपनी अगली नीतिगत बैठक में ब्याज दरों को स्थिर रख सकता है। फेडरल रिजर्व की दो दिनों तक चलने वाली बैठक मंगलवार को शुरू होगी। यह फेड के चेयरमैन जेरोम पॉवेल (Jerome Powell) के नेतृत्व में आखिरी बैठक हो सकती है। यह बैठक ऐसे चुनौतीपूर्ण माहौल में होने वाली है, जब जेरोम पॉवेल के उत्तराधिकारी का रास्ता काफी कठिन हो रहा है तो दूसरी तरफ फेडरल रिजर्व महंगे तेल के चलते बढ़ती महंगाई और जॉब मार्केट की कमजोरी से जूझ रहा है। ऐसे में एक्सपर्ट्स का मानना है कि फेडरल रिजर्व नीतिगत दरों को 3.50-3.75% की रेंज में स्थिर रख सकता है।

क्या कहना है एक्सपर्ट्स का?

केपीएमसी के सीनियर इकनॉमिस्ट केनेथ किम (Kenneth Kim) ने न्यूज एजेंसी एएफपी से बातचीत में कहा कि पश्चिमी एशिया में क्या हो रहा है, इसे लेकर अभी भी बहुत अनिश्चितता है। उनका मानना है कि तेल और पेट्रोल की कीमतें भले ही चरम पर पहुंचकर थोड़ी कम हुई हों, लेकिन अभी भी ऊंची हैं, जिससे कंज्यूमर्स और बिजनेसेज पर असर पड़ रहा है। फेड का लक्ष्य महंगाई को नियंत्रित करना और बेरोजगारी को कम रखना है। वह महंगाई कम करने के लिए ब्याज दरें बढ़ाता है और आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए घटाता है, लेकिन मौजूदा हालात दोनों तरफ से दबाव डाल रहे हैं।

केनेथ किम के मुताबिक रोजगार के हालिया मजबूक आंकड़ों से फेड को महंगाई पर ध्यान देने के लिए थोड़ी राहत मिली है। एनालिस्ट्स की नजर इस पर रहेगी कि क्या फेड आने वाले समय में दरों में बढ़ोतरी को लेकर कोई संकेत देगा। नेवी फेडरल क्रेडिट यूनियन की चीफ इकनॉमिस्ट हीदर लॉन्ग (Heather Long) का मानना है कि जेरोम पॉवेल आने वाले समय में ब्याज दरों को लेकर स्पष्ट संकेत नहीं देंगे, क्योंकि ईरान से जुड़े युद्ध का पूरा असर अभी स्पष्ट नहीं है।

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