Vauld: इस क्रिप्टो-एक्सचेंज में फंसे भारतीयों के पैसे, कंपनी ने निकासी और जमा के साथ सभी ट्रेडिंग गतिविधियों को रोका

Vauld ने कहा कि क्रिप्टो मार्केट के क्रैश होने और ट्रेडिंग वॉल्यूम में आई गिरावट के चलते उसके सामने वित्तीय मुश्किलें आ खड़ी हुई हैं, जिसके चलते उसे यह फैसला लेना पड़ा है

अपडेटेड Jul 04, 2022 पर 3:22 PM
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Vauld का मुख्यालय भले ही सिंगापुर में है, लेकिन इसका प्रमुख बिजनेस भारत में है

सिंगापुर मुख्यालय वाले क्रिप्टो-एक्सचेंज वॉल्ड (Vauld) के यूजर्स को बड़ा झटका लगा है। कंपनी ने सोमवार 4 जुलाई को एक पोस्ट में बताया कि उसने अपने प्लेटफॉर्म पर सभी तरह के जमा, निकासी और ट्रेडिंग गतिविधियों को तत्काल प्रभाव से रोक दिया है। Vauld ने कहा कि क्रिप्टो मार्केट के क्रैश होने और भारत में नियमों के कड़े होने के बाद ट्रेडिंग वॉल्यूम में आई गिरावट के चलते उसके सामने वित्तीय मुश्किलें आ खड़ी हुई हैं, जिसके चलते उसे यह फैसला लेना पड़ा है।

बता दें कि Vauld का मुख्यालय भले ही सिंगापुर में है, लेकिन इसका प्रमुख बिजनेस भारत में है। कंपनी के इस फैसले के बाद अब हजारों के यूजर्स के पैसे इस प्लेटफॉर्म पर फंस गए हैं।

कंपनी ने बताया कि उसे मौजूदा माहौल में खुद को बचाए रखने के लिए नए निवेशकों को ढूंढना और रिस्ट्रक्टरिंग की संभावनाओं पर विचार करने के लिए मजबूर होना पड़ा है। Vauld में निवेश करने वाले मौजूदा निवेशकों में कॉइनबेस वेंचर्स, पेपाल के को-फाउंडर और अरबपति निवेशक पीटर थील्स की वैलार वेंचर्स, सीएमटी डिजिटल, गुमी क्रिप्टोस, रॉबर्ट लेशनर और कैडेंजा कैपिटल शामिल हैं।


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जो ग्राहक वॉल्ड के फैसले को कोर्ट में चुनौती देने की सोच रहे हैं, उनके लिए एक और झटके की बात है। वॉल्ड ने कहा कि वह इस मामले में किसी तरह के मुकदमेबाजी से बचने के लिए सिंगापुर की कोर्ट में मोराटोरियम के लिए आवेदन करने पर विचार कर रही है। मोराटोरियम के तहत कंपनी के खिलाफ किसी भी तरह का नया मुकदमा शुरू करने या पुराने मुकदमे को जारी रखने पर रोक लग जाती है। यह रोक तब तक जारी रहती है, जब तक कंपनी सभी के हितों को ध्यान में रखते हुए किसी नए प्लान का ऐलान न कर दें।

इसने एक बार फिर से क्रिप्टो-एक्सचेंजो की भूमिका को लेकर चिंताएं खड़ी कर दी हैं। क्रिप्टो-एक्सचेंज का काम ग्राहकों को ट्रेडिंग करने का मंच मुहैया कराना होता है। हालांकि क्रिप्टो-करेंसी मार्केट को लेकर दुनिया भर में नियमों की कमी के चलते क्रिप्टो-एक्सचेंज ग्राहक के कस्टोडियन के रूप में काम कर रहे हैं और उनके निवेश को भी अपने पास रख ले रहे हैं। वहीं ग्राहकों के हितों की रक्षा के लिए अभी तक कोई नियम नहीं है।

वॉल्ड ने इस ऐलान से कुछ दिनों पहले अपने 30 फीसदी कर्मचारियों को भी नौकरी से निकाल दिया था। मनीकंट्रोल ने 21 जून को प्रकाशित एक रिपोर्ट में बताया कि वॉल्ड अपने मार्केटिंग खर्च को घटाने, हायरिंग को धीमा करने, एग्जिक्यूटिव्स की सैलरी पर आने वाले खर्च को 50 फीसदी तक घटाने और वेंडर इंगेजमेंट को रोकने पर काम कर रही है।

कंपनी ने अपने पोस्ट में कहा, "हम अपने फाइनेंशियल और लीगल एडवाइजर्स के साथ मिलकर रिस्ट्रक्चरिंग पर विचार कर रहे हैं और हमारा मानना है कि हमें इस कदम से संभावित रिस्ट्रक्चरिंग विकल्पों पर मदद मिलेगी। हम वॉल्ड के ग्राहकों को यह समझाना चाहते हैं कि हम क्रिप्टो-ट्रेडिंग से जुड़े उनके किसी भी तरह के रिक्वेस्ट या निर्देशको आगे प्रॉसेस करने की स्थिति में नहीं होंगे।"

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