वोडाफोन कर्ज के लिए प्राइवेट क्रेडिट फंडों से भी कर रही बातचीत, सरकार से AGR मसले के निपटारे की अपील की

Vodafone Idea ने सरकार से मार्च 2026 की डेडलाइन से पहले एजीआर मामले का निपटारा करने की अपील की है। कंपनी के निवर्तमान सीईओ अक्षय मूंदड़ा ने जून तिमाही की अर्निंग्स कॉल में 18 अगस्त को इस बारे में बताया। मूंदड़ा का कार्यकाल वोडाफोन आइडिया में 18 अगस्त को खत्म हो रहा है

अपडेटेड Aug 18, 2025 पर 6:22 PM
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एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू (एजीआर) को लेकर अनिश्चितता की स्थिति के बैंक कंपनी को लोन देने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे।

वोडाफोन आइडिया (Vi) ने फंड जुटाने के लिए अब बैंकों से अलग दूसरे रास्तों की तलाश भी शुरू कर दी है। एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू (एजीआर) को लेकर अनिश्चितता की स्थिति के बैंक कंपनी को लोन देने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे। कंपनी के निवर्तमान सीईओ अक्षय मूंदड़ा ने जून तिमाही की अर्निंग्स कॉल में 18 अगस्त को इस बारे में बताया। हालांकि, उन्होंने कहा लोन के बारे में बैंकों से बातचीत चल रही है। इसमें लंबा समय लग सकता है।

AGR मसले के निपटारे की अपील

Vodafone Idea ने सरकार से मार्च 2026 की डेडलाइन से पहले एजीआर मामले का निपटारा करने की अपील की है। मूंदड़ा ने कहा कि इस मामले के निपटारे से बैंकों का भरोसा बढ़ेगा और वोडाफोन आइडिया को लोन मिल सकेगा। इस बारे में मनीकंट्रोल ने पहले ही खबर दे दी थी। मनीकंट्रोल ने बताया था कि वोडाफोन आइडिया प्राइवेट क्रेडिट फंडों से बातचीत कर रही है। इनमें डेविसन केंपनर, ओकट्री और वर्डे पार्टनर्स जैसे क्रेडिट फंड शामिल हैं।


पूंजीगत खर्च जारी रखने का प्लान

मूंदड़ा ने कहा कि हम पूंजीगत खर्च के अपने प्लान को जारी रखना चाहते हैं। यह पिछले साल से ही जारी है। हम फंड के लिए नॉन-बैंकिंग स्रोतों से बात कर रहे हैं। हम पूरे 25,000 करोड़ रुपये के अमाउंट के लिए बात नहीं कर रहे। हम इससे कम अमाउंट के लोन के लिए भी तैयार है ताकि पूंजीगत खर्च को जारी रखा जा सके। उन्होंने कहा कि बैंकों से बातचीत जारी है। लेकिन, बातचीत किसी नतीजें पर पहुंचने में समय लग सकता है। इसलिए हम फंडिंग के दूसरे स्रोतों पर भी विचार कर रहे हैं।

अब सरकार सबसे बड़ी शेयरहोल्डर

मूंदड़ा का कार्यकाल वोडाफोन आइडिया में 18 अगस्त को खत्म हो रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार के 36,950 करोड़ रुपये के बकाया को इक्विटी में बदलने और उसके बाद क्रेडिट रेटिंग अपग्रेड से बैंकों से बातचीत फिर से शुरू हुई है। उन्होंने कहा कि अभी बैंक एजीएआर के मसले पर स्थिति थोड़ा स्पष्ट होने का इंतजार कर रहे हैं। इसलिए हम सरकार से इस मामले का निपटारा चाहते हैं। बकाया इक्विटी में बदले जाने के बाद सरकार Vi की सबसे बड़ी शेयरहोल्डर हो गई है।

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एजीआर मसले के समाधान की उम्मीद

उन्होंने कहा कि हमें इस बात की पूरी उम्मीद है कि एजीआर मसले का समाधान हो जाएगा। उन्होंने कहा, "पहले हमने देखा है कि सरकार हमेशा सपोर्टिव रही है। आप 2019 में स्पेक्ट्रम के इस्टॉलमेंट को टालने, 2021 के रिफॉर्म पैकेज, 2023 और 2025 में बकाया को इक्विटी में बदलने जैसे मामलों को देख सकते है। ये सभी तब हुए जब आखिरी समय आ चुका था। हम अपने नेटवर्क के विस्तार प्लान को पूरा करने के लिए पैसे चाहते हैं।"

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