पैसों की दिक्कत से जूझ रही वाडिया ग्रुप (Wadia Group) की एयरलाइन कंपनी गो फर्स्ट (Go First) ने नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) से अंतरिम मोरेटोरियम मांगा है। एनसीएलटी के दिल्ली चैप्टर में इसकी स्वैच्छिक दिवाला याचिका पर सुनवाई शुरू हो गई है। सुनवाई के दौरान गोफर्स्ट ने आग्रह किया है कि यह मौजूदा स्थिति से उबर सकती है और इसे सिर्फ मोरेटोरियम यानी थोड़े वक्त की जरूरत है क्योंकि इसके पास संपत्ति के नाम पर सिर्फ विमान है। कंपनी ने अपने अब तक के कारोबारी रिकॉर्ड के बारे में कहा कि 2 मई को याचिका दायर करने तक कंपनी कभी डिफॉल्ट नहीं हुई थी। हालांकि अब इसके बेड़े के 54 विमानों में से 28 उड़ान नहीं भर पा रहे हैं जिसकी वजह से दिक्कतें शुरू हुईं। गो फर्स्ट के मुताबिक उसका लक्ष्य इसके 7,000 प्रत्यक्ष और 10,000 अप्रत्यक्ष एंप्लॉयीज का भविष्य फिर से बेहतर करना है।
