IT कंपनी विप्रो (Wipro) ने वित्त वर्ष 2024-25 में 10,000 फ्रेशर्स को हायर किया। यह 10,000-12,000 नए लोगों को नियुक्त करने के कंपनी के पूरे वर्ष के लक्ष्य के बराबर है। वित्त वर्ष 2025-26 के लिए वैसे तो विप्रो का लक्ष्य कॉलेज कैंपस से इतनी ही संख्या में लोगों को नियुक्त करना है। लेकिन कंपनी मौजूदा कारोबारी माहौल को देखने के बाद ही कोई फैसला लेगी।
विप्रो की अर्निंग्स कॉन्फ्रेंस में कंपनी के चीफ एचआर ऑफिसर सौरभ गोविल ने कहा, "हमने वित्त वर्ष 2025 की क्लोजिंग लगभग 10,000 फ्रेशर्स की हायरिंग के साथ की। और हम इसे जारी रखना चाहते हैं, लेकिन हम इस बात पर भी कड़ी नजर रखेंगे कि माहौल में क्या हो रहा है। हम ऐसी स्थिति नहीं चाहते हैं, जहां हम लोगों को अपने साथ जोड़ें और हमारे पास डिप्लॉयमेंट के चैनल न हों। इसलिए हम बहुत बारीकी से नजर रखेंगे।" उन्होंने यह भी कहा कि हमने 3 साल पहले अपने हाथ जला लिए थे। इसलिए हम इस बात को लेकर बहुत सचेत हैं कि हम सही तरीके से काम करें।"
गोविल ने बताया कि लो ग्रोथ के मौजूदा माहौल में विप्रो के पास एंप्लॉयी यूटिलाइजेशन रेट्स में सुधार करने के लिए ज्यादा गुंजाइश है। जनवरी-मार्च 2025 तिमाही में कंपनी की एट्रिशन रेट यानि एंप्लॉयीज के कंपनी छोड़कर जाने की दर में गिरावट जारी रही। मार्च 2025 तिमाही में एट्रिशन रेट घटकर 15 प्रतिशत रह गई। अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में एट्रिशन रेट 15.3% थी।
सैलरी में बढ़ोतरी को लेकर विप्रो का रुख भी TCS जैसा ही है। गोविल ने कहा कि इस साल सैलरी में बढ़ोतरी का फैसला वेज हाइक साइकिल के करीब आने पर ही करेगा। उन्होंने कहा, "हम ही वे लोग थे, जिन्होंने सितंबर में समय से पहले वेतन वृद्धि की थी। पिछली बार हमने दिसंबर में ऐसा किया था। हम अभी भी उस समय से बहुत दूर हैं, और इस अनिश्चित माहौल में हम तारीख के करीब आने पर ही फैसला करेंगे।" टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने कहा है कि कर्मचारियों की सैलरी में बढ़ोतरी का फैसला साल के दौरान किया जाएगा और यह कारोबारी माहौल पर निर्भर होगा।
कर्मचारियों की संख्या में वृद्धि
कुल मिलाकर, विप्रो ने जनवरी-मार्च 2025 तिमाही में 614 कर्मचारियों को अपने साथ जोड़ा। कंपनी के कर्मचारियों की संख्या में अक्टूबर-दिसंबर 2024 तिमाही में 1,157 कर्मचारियों की कमी आई थी। पूरे वित्त वर्ष 2025 के दौरान विप्रो के कर्मचारियों की संख्या 732 कर्मचारी बढ़कर 233,346 हो गई। एक साल पहले यह 232,614 कर्मचारी थी।