पश्चिम बंगाल सरकार से मिले 5.6 करोड़ रुपये से ज्यादा के GST डिमांड ऑर्डर पर फूड एग्रीगेटर जोमैटो (Zomato) का रुख बदल गया है। कंपनी ने पहले कहा था कि ऑर्डर में शामिल राशि और मुकदमेबाजी की लागत को देखते हुए, कंपनी GST अधिकारियों को अमाउंट का भुगतान करेगी। लेकिन अब जोमैटो ने अपना माइंड चेंज कर लिया है और उसका कहना है कि वह इस टैक्स डिमांड के खिलाफ संबंधित अथॉरिटी के समक्ष अपील दायर करेगी।
पश्चिम बंगाल सरकार के असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ रेवेन्यू की ओर से जारी ऑर्डर में जोमैटो से अप्रैल 2020 से लेकर मार्च 2021 तक की अवधि के लिए 5,59,54,319 रुपये के GST (Goods and Services Tax) की मांग की गई है। साथ ही 3,69,67,792 रुपये का ब्याज और 55,95,432 रुपये की पेनल्टी का भुगतान करने का भी आदेश है। टैक्स, ब्याज और पेनल्टी को मिलाकर कुल अमाउंट 9.85 करोड़ रुपये से ज्यादा होता है।
किस कारण मिला है यह डिमांड ऑर्डर
13 सितंबर को जोमैटो ने इस बारे में शेयर बाजारों को बताते हुए कहा था कि यह ऑर्डर डिलीवरी चार्जेस पर जीएसटी न भरने और उस पर ब्याज और पेनल्टी को लेकर है। कंपनी ने कारण बताओ नोटिस के जवाब में रिलीवेंट डॉक्युमेंट्स और न्यायिक उदाहरणों के साथ इस मुद्दे पर स्पष्टीकरण दिया था, जिस पर लगता है कि ऑर्डर पास करते समय अधिकारियों ने गौर नहीं किया।
जोमैटो ने यह भी कहा था कि ऑर्डर में शामिल राशि और मुकदमेबाजी की लागत को देखते हुए, कंपनी जीएसटी अधिकारियों को अमाउंट का भुगतान करेगी। लेकिन 14 सितंबर को जोमैटो ने अपने बयान में बदलाव करते हुए कहा कि कंपनी इस टैक्स डिमांड के खिलाफ संबंधित अथॉरिटी के समक्ष अपील दायर करेगी। इससे पहले जोमैटो को दिल्ली, तमिलनाडु, कर्नाटक, हरियाणा, गुजरात की सरकारों से भी GST डिमांड नोटिस मिल चुके हैं।