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Commodity Market: सरकार ने चने पर 10% की इंपोर्ट ड्यूटी लगाई, सोयाबीन की नीलामी टली

बिमल कोठारी का कहना है कि चने के इंपोर्ट पर ड्यूटी लगाना अच्छी पहल है। चने के किसानों को सरकार के इस फैसले से फायदा होगा। चने पर ड्यूटी 10% बढ़ाना सही लेकिन जरूरत से कम है। चने पर कम से कम 25% ड्यूटी बढ़नी चाहिए थी। पहले चने पर 66% की ड्यूटी लगती थी

MoneyControl Newsअपडेटेड Mar 28, 2025 पर 2:28 PM
Commodity Market: सरकार ने चने पर 10% की इंपोर्ट ड्यूटी लगाई,  सोयाबीन की नीलामी टली
सरकार दलहन और तिलहन किसानों दोनों को राहत देने की कोशिश की है। सरकार ने चने पर 10% की ड्यूटी लगा दी

सरकार दलहन और तिलहन किसानों दोनों को राहत देने की कोशिश की है। सरकार ने चने पर 10% की ड्यूटी लगा दी है तो सोयाबीन किसानों के हितों को देखते हुए सोयाबीन की बिक्री को टाल दिया है। वित्त मंत्रालय ने नोटिफिकेशन जारी किया है जिसके मुताबिक सरकार ने चने पर 10% की इंपोर्ट ड्यूटी लगाई है। चने पर लगाई गई यह 10 फीसदी इंपोर्ट ड्यूटी 1 अप्रैल 2025 से लागू होगी।

कृषि मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, चना उत्पादन में उतार-चढ़ाव का रुख रहा है। वित्त वर्ष 2022 (FY22) में उत्पादन 13.54 मिलियन टन रहा, जो वित्त वर्ष 23 में घटकर 12.27 मिलियन टन और वित्त वर्ष 24 में घटकर 11.04 मिलियन टन रह गया। वित्त वर्ष 25 में उत्पादन थोड़ा बढ़कर 11.54 मिलियन टन होने का अनुमान है।

बता दें कि घरेलू उत्पादन कम होने के कारण मई 2024 में चने के आयात को शुल्क मुक्त कर दिया गया। इससे पहले 10% आयात शुल्क लगता था।

IPGA के चेयरमैन बिमल कोठारी का कहना है कि चने के इंपोर्ट पर ड्यूटी लगाना अच्छी पहल है। चने के किसानों को सरकार के इस फैसले से फायदा होगा। चने पर ड्यूटी 10% बढ़ाना सही लेकिन जरूरत से कम है। चने पर कम से कम 25% ड्यूटी बढ़नी चाहिए थी। पहले चने पर 66% की ड्यूटी लगती थी। दालों का लैंडिंग कॉस्ट MSP से ज्यादा ही होना चाहिए।

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