भारत में त्योहारी सीजन (Festive Season) शुरू हो चुका है। हालांकि इस साल त्योहारी सीजन में सोने की बिक्री (Gold Sales) की चमक पिछले साल से फीकी रहने की उम्मीद है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (WGC) के मुताबिक ग्राहक इस साल पिछले साल की तरह ज्वैलरी दुकानों पर जाते नहीं दिख रहे हैं। ऐसे में साल 2021 की तरह सोने की बिक्री में आई रिकॉर्ड उछाल इस साल देखने को नहीं मिलने की उम्मीद है।
दुनिया की दूसरी सबसे बड़े आबादी वाले देश भारत में आम तौर पर अक्टूबर से दिसंबर के दौरान पड़ने वाले कई त्योहारों के चलते गोल्ड ज्वैलरी, सिक्के और सोने की ईंट/बार की मांग अपने पीक पर पहुंच जाती है। सबसे अधिक मांग दीपावली के पर्व के दौरान देखने को मिलता है, जो अगले हफ्ते शुरू होने वाला है।
पिछले साल त्योहारी सीजन के दौरान गोल्ड ज्वैलरी की बिक्री में करीब दोगुना उछाल दर्ज किया गया था। ग्राहक दो साल तक कोरोना महामारी के असर के बाद पिछले साल बड़ी संख्या में बाहर निकले थे और इस दौरान उन्होंने जमकर खरीदारी की थी।
ब्लूमबर्ग ने एक रिपोर्ट में WGC के रिजनल सीईओ पीआर सोमसुंदरम के हवाले से बताया, "पिछले साल भारतीयों ने सिर्फ त्योहारी सीजन के दौरान 344 टन सोने की खरीदारी की थी। हालांकि इस साल इतनी बिक्री शायद ही देखने को मिले।"
उन्होंने बताया, "निश्चित तौर पर हमें पहली छमाही से बेहतर मांग देखने को मिलेगी, लेकिन यह पिछले साल जितना अच्छा नहीं रहने वाला है।" उन्होंने कहा, "महंगाई की दर ऊंची बनी हुई है, लेकिन यहां इसे किसी संकट के तौर पर नहीं देखा जा रहा है। ऐसे में त्योहारी सीजन के चलते सोने की मांग बढ़ी है और इस समय लोग संकट में सुरक्षित निवेश के तौर इसकी खरीदारी नहीं कर रहे हैं।"
बता दें कि सोने को अक्सर महंगाई के समय में निवेश के लिए एक सुरक्षित ठिकाने में रूप में देखा जाता है। हालांकि हाल के महीनों में डॉलर मजबूत होने के साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस कीमत धातु की कीमतों में अधिक गिरावट देखने को मिली है और इसने इसकी कीमतों पर एक तरह से लगाम लगा रखा है।
वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के एक अनुमान के मुताबित, भारत में इस साल सोने की बिक्री का आंकड़ा 750 टन के आसपास रह सकता है, जो पिछले साल हुई 800 टन की बिक्री से काफी कम होगा। सोमसुंदरम ने कहा ऐप और वेब पोर्टल के जरिए डिजिटल गोल्ड की बिक्री ने भी लोगों का ध्यान खींचा है।