Onion price : प्याज की बंपर सप्लाई के बावजूद ना तो प्याज ग्राहक को सस्ता मिल रहा है और ना ही किसानों को उचित दाम मिल रहा है। बड़ा सवाल ये है कि आखिर प्याज बेचने और खरीदने वाले, दोनों को कैसे रुला रहा है? रिटेल मार्केट में अभी प्याज 33 से 40 रुपए प्रति किलो मिल रहा है। लेकिन किसान मंडी में बेचने आता है तो होलसेल में उनको प्रति किलो सिर्फ 12 से 20 रुपए मिलते हैं। इसका कारण है खेत से लेकर रिटेल बाजार तक प्याज का उलझा हुआ कारोबार जिसे इस बार बेमौसम बरसात ने बड़ा झटका दिया है। प्याज के दो बड़े उत्पादक राज्यों महाराष्ट्र और गुजरात में फसल को भारी नुकसान हुआ है।
दिसंबर में और बढ़ सकते हैं दाम
देश में हर महीने 8 से 12 लाख टन प्याज की खपत होती है। पिछले साल बंपर क्रॉप के कारण कई किसानों ने प्याज का स्टोरेज लंबे समय तक किया लेकिन अब उस प्याज के खराब होने का खतरा हो गया है। दूसरी और नया क्रॉप फेल हो गया इसी लिए कई किसान सीधे खेत से कौड़ियो के दाम प्याज बेच रहे हैं। मतलब यह है की पुराना संग्रह किया हुआ प्याज और नया प्याज जल्दी -जल्दी मार्केट में बिक रहा है। सरकार ने पिछले साल नाफेड और NCCF के माध्यम से 3 लाख टन प्याज खरीदा था, वो भी ज्यादा नहीं बिका है। एक्सपर्ट कह रहे हैं कि दिसंबर में दाम और बढ़ सकते हैं। प्याज की फसल कम हो या ज़्यादा लेकिन बिचोलियों के कारण ग्राहको को ऊंचे दाम ही देने पड़ते हैं। प्याज का कारोबार बिचौलियों के कंट्रोल में है।
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