Crude Oil में लगातार तीसरे हफ्ते गिरावट का रुख है। यह इस साल क्रूड में गिरावट का सबसे लंबा दौर है। अमेरिकी में गैसोलीन की कमजोर मांग और वैश्विक अर्थव्यवस्था में सुस्ती (Global Slowdown) का असर क्रूड ऑयल की कीमतों पर पड़ रहा है। शुक्रवार (22 जुलाई) को ब्रेंट क्रूड का प्राइस 102-103 डॉलर प्रति बैरल चल रहा था। इस साल यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद यह 123 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया था। सवाल है कि क्या क्रूड में गिरावट के बाद इंडिया में पेट्रोल और डीजल की कीमतें घटेंगी?
