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Rice News: UN रिपोर्ट ने बढ़ाई टेंशन, घटेगा का चावल का उत्पादन, एक्सपोर्ट भी 7.5% गिरी, अब क्या होगा आगे

Rice News: कॉमर्स मिनिस्ट्री के डेटा के मुताबिक, मिडिल ईस्ट देशों समेत बड़ी जगहों पर शिपमेंट में कमी की वजह से 2025-26 में देश का चावल एक्सपोर्ट 7.5 परसेंट घटकर $11.53 बिलियन रह गया। मार्च में एक्सपोर्ट 15.36 परसेंट घटकर $997.53 मिलियन रह गया

Sujata Yadavअपडेटेड Apr 23, 2026 पर 3:26 PM
Rice News: UN रिपोर्ट ने बढ़ाई टेंशन, घटेगा का चावल का उत्पादन, एक्सपोर्ट भी 7.5% गिरी, अब क्या होगा आगे
US-इज़राइल और ईरान के बीच युद्ध की वजह से ईरान, UAE, सऊदी अरब और ओमान समेत मिडिल ईस्ट इलाके के देशों में शिपमेंट पर असर पड़ा है।

Rice News: गर्मी की मार इस पर चावल की खेती पर भी पड़ती दिखाई दे रही है। संयुक्त राष्ट्र के खाद्य और कृषि संगठन (FAO) और विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) की रिपोर्ट के मुताबिक लू खेती-किसानी करने वाले भारतीय मजदूरों और चावल प्रोडक्शन के लिए एक बड़ा खतरा बनेगी। इसमें कहा गया है कि भविष्य की सबसे ज्यादा गर्मी की घटनाओं से सबसे ज्यादा जोखिम गंगा और सिंधु नदी घाटियों के घनी आबादी वाले कृषि क्षेत्रों के आसपास होगा।

रिपोर्ट में EXTREME HEAT में चावल का पैदावार 40% तक गिरने का अंदेशा है। INDO-GANGETIC PLAINS सबसे ज्यादा प्रभावित होगी। कमजोर मानसून + EL NIÑO से भी मुश्किल बढ़ेगी।

UN ने भारत में 2022 में हुई अत्यधिक गर्मी की घटनाओं के उदाहरण दिए गया हैं, और यह बताया गया है कि उस साल अधिकतम और न्यूनतम तापमान में असामान्य बढ़ोतरी ने पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार और महाराष्ट्र सहित एक-तिहाई से ज्यादा राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में फसलों, फलों, सब्जियों, पशुधन और मुर्गी पालन को कैसे प्रभावित किया था।

1972, 1987, 2002, 2009, 2014, 2015 में गंभीर सूखा हुआ। 2002 में 20% कम बारिश से अरबों डॉलर का नुकसान हुआ।

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