Oil Prices : सऊदी अरब ने एशिया और यूरोप के अपने प्रमुख बाजारों के लिए तेल की कीमतों में कटौती की है। इससे आर्थिक सुस्ती और चीन में कोरोनावायरस के मामलों (coronavirus cases) में बढ़ोतरी के बीच डिमांड में सुस्ती के संकेत मिल रहे हैं। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स (Brent crude futures) जून के 125 डॉलर प्रति बैरल के स्तर से गिरकर 80 डॉलर पर आ गया है। पिछले हफ्ते ही इसमें 7.5 फीसदी की कमजोरी दर्ज की गई है। ऊंची ब्याज दरों और डॉलर में मजबीती के चलते अमेरिका, यूरोप और चीन जैसे देशों में बिजनेसेज के लिए एनर्जी की खपत कमजोर हुई है।
आईएमएफ ने मंदी पर कही बड़ी बात
आईएमएफ (IMF) की हेड क्रिस्टैलिना जॉर्जिवा (Kristalina Georgieva) ने इस हफ्ते कहा कि वह इस साल एक तिहाई ग्लोबल इकोनॉमी में मंदी आने की उम्मीद कर रही हैं।
सऊदी सरकार की कंपनी सऊदी अरामको (Saudi Aramco) एशिया के लिए हर तरह के क्रूड को सस्ता कर दिया है, जो फरवरी तक पहुंचेगा। कंपनी के प्रमुख अरब लाइट ग्रेड (Arab Light grade) को क्षेत्रीय बेंचमार्क से 1.80 डॉलर प्रति बैरल कम किया गया है, जो इस महीने की कीमत से 1.45 डॉलर कम है। यह नवंबर 2021 के बाद अपने सबसे निचले स्तर पर आ गया है।
यह कटौती ब्लूमबर्ग के ट्रेडर्स और रिफाइनर्स के बीच कराए गए सर्वे के अनुरूप है।
वहीं Aramco ने नॉर्थ वेस्ट यूरोप और मेडीटेरेनियन रीजन को जाने वाले तेल की कीमतें भी घटाई हैं। हालांकि अमेरिकी कस्टमर्स के लिए कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
चीन और भारत हैं बड़े खरीदार
सऊदी अरब लॉन्ग टर्म कॉन्ट्रैक्ट के तहत अपना 60 फीसदी क्रूड एक्सपोर्ट (crude exports) एशिया को करता है। इसकी कीमत हर महीने तय होती हैं। चीन, जापान, साउथ कोरिया और भारत एशिया में उसके बड़े खरीदार हैं। इराक और कुवैत जैसे दूसरे खाड़ी देश भी सऊदी अरब की तर्ज पर फैसले करते हैं।