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Silver price : MCX सिल्वर 1.90 लाख रुपए के पार, 2026 में 2.50 लाख रुपए की होगी चांदी?

Silver price : 2025 में, चांदी ने सोने से बेहतर प्रदर्शन किया, और 110 प्रतिशत का रिटर्न दिया। चांदी सोने का एक सस्ता विकल्प है। लगातार पांचवें साल, 2025 में चांदी की सप्लाई कम रही। चांदी का माइन प्रोडक्शन लगभग स्थिर रहा। चांदी सोलर पैनल, EV, इलेक्ट्रॉनिक्स और 5G इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए बहुत ज़रूरी है

Edited By: Sudhanshu Dubeyअपडेटेड Dec 10, 2025 पर 3:58 PM
Silver price : MCX सिल्वर 1.90 लाख रुपए के पार, 2026 में 2.50 लाख रुपए की होगी चांदी?
Silver prices : 2026 का साल चांदी का साल हो सकता है। Citi का कहना है कि 2026 में चांदी $70 प्रति औंस का स्तर छू सकती है। वहीं, BofA का कहना है कि 2026 में चांदी $70 प्रति औंस का स्तर छू सकती है

Silver price : चांदी है के रुकने का नाम नहीं ले रही है। आज फिर चांदी ने नया रिकॉर्ड बना दिया है। चांदी आज 1 लाख 90 हजार के पार निकल गई। लेकिन यह इतना दौड़ क्यों रही है, क्या चांदी में सप्लाई की परेशानी पैदा हो गई है? इन सब मुद्दों पर बात करते हुए CNBC TV -18 की मनीषा गुप्ता ने बताया कि सिल्वर में शॉर्ट करने वाले फंस गए हैं। 10 दिसंबर को विदेशी बाजारों में चांदी में शॉर्ट स्क्वीज हुआ है। कॉमेक्स सिल्वर फ्यूचर्स में नेट शॉर्ट पोजिशन काफी बढ़ गई थी। iShares Silver Trust में फ्लोट के 9.63 फीसदी के बराबर शॉर्ट पोजिशन देखने को मिली थी। लीज रेंट बढ़ने और स्पॉट-फ्यूचर्स के अंतर से भी शॉर्ट पोजिशन के संकेत मिले। चांदी के भाव $60/oz के पार निकलने से शॉर्ट करने वाले फंस गए। शॉर्ट कवर करने वाले $60/oz शॉर्ट कवर करने पर मजबूर हुए।

सिल्वर में क्यों फंसे शॉर्ट करने वाले?

2025 में चांदी ने सोने को पीछे छोड़ते हुए 110 फीसदी रिटर्न दिए हैं। सोने की तुलना में चांदी सस्ता विकल्प है। 5 सालों से लगातार 2025 में भी चांदी की सप्लाई कम रही है। चांदी का माइन उत्पादन करीब-करीब फ्लैट है। सोलर पैनल, EV, इलेक्ट्रॉनिक्स और 5G इंफ्रा के लिए चांदी काफी जरूरी है। नवंबर 2025 में अमेरिका ने इसको क्रिटिकल मिनरल्स सूची में जोड़ा है। US फेड का दरों पर फैसला आज आने वाला है। इसका असर भी भाव पर पड़ा है।

लंदन से चांदी की इन्वेंट्री में भारी गिरावट की खबर आई है। यहां से चांदी US और भारत भेजी जा रही है। लंदन vaults में चांदी की कमी से ब्याज लागत बढ़ी है। लंदन, शंघाई और न्यूयॉर्क में स्टॉक की निगरानी की जा रही है। चांदी का स्टॉक कई सालों या दशकों के निचले स्तर पर है। भारत में भी फिसिकल डिमांड काफी ज्यादा है। 2025 में भारत की फिसिकल डिमांड करीब 2000 टन है।

2026 होगा चांदी का साल!

2026 का साल चांदी का साल हो सकता है। Citi का कहना है कि 2026 में चांदी $70 प्रति औंस का स्तर छू सकती है। वहीं, BofA का कहना है कि 2026 में चांदी $70 प्रति औंस का स्तर छू सकती है। GS की राय है कि 2026 में चांदी $65 प्रति औंस का स्तर छू सकती है। वहीं, JPM का कहना है कि 2026 में चांदी $56 प्रति औंस का स्तर छू सकती है। UBS का कहना है कि 2026 में चांदी $55-$65 प्रति औंस का स्तर छू सकती है। Heraeus की राय है कि 2026 में चांदी $55-$65 प्रति औंस का स्तर छू सकती है। वहीं, SMC का कहना है कि 2026 में चांदी $55-$80 प्रति औंस का स्तर छू सकती है। Motilal Oswal का कहना है कि 2026 में चांदी में $75 प्रति औंस का स्तर मुमकिन है। Amrapali Group का भी मानना है कि 2026 में चांदी $75 प्रति औंस का स्तर छू सकती है।

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