खाने-पीने की चीजों के बाव तेजी से बढ़ रहे हैं और अगले साल लोकसभा चुनाव भी हैं। इसके अलावा कुछ राज्यों के विधानसभा चुनाव अब सर पर हैं। ऐसे में सप्लाई बढ़ाने के लिए सरकार रुस से गेहूं खरीदने के लिए बातचीत कर रही है। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स को यह जानकारी चार सूत्रों से मिली है। रुस से गेहूं आने पर सरकार मार्केट में प्रभावी तरीके से दखल दे सकेगी और गेहूं की भी कीमतें नीचे आ सकेंगी। पिछले महीने जुलाई में महंगाई बढ़ने की दर यानी इनफ्लेशन 15 महीने के रिकॉर्ड ऊंचे स्तर पर पहुंच गई थी।
