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Crude Oil Crisis: अपने इमरजेंसी ऑयल रिजर्व में क्यों हाथ डाल रहे हैं US, भारत समेत ये बड़े देश? जानें क्या होता है SPR

भारत ने कच्चे तेल की कीमतों में जारी तेजी के बीच दूसरे बड़े देशों के साथ मिलकर अपने SPR से कच्चा तेल निकालने का मन बनाया है

MoneyControl Newsअपडेटेड Nov 23, 2021 पर 7:47 PM
Crude Oil Crisis: अपने इमरजेंसी ऑयल रिजर्व में क्यों हाथ डाल रहे हैं US, भारत समेत ये बड़े देश? जानें क्या होता है SPR
Crude Oil Pipeline (FILE)

इन दिनों भारत समेत दुनिया के कई बड़े देशों में तेल के बढ़ते दाम एक नई समस्या बन कर उभरे हैं। इस समस्या के पीछे एक मुख्य कारण ऑर्गनाइजेशन ऑफ पेट्रोलियम एक्सपोर्टिंग कंट्रीज (OPEC) यानी जिन देशों से कच्चा तेल आता है, उनकी तरफ से तेल का प्रोडक्शन बढ़ाने में आनाकानी करने को भी माना जा रहा है। अब ऐसे में मजबूरन कई बड़े देश अपने रणनीतिक तेल भंडार या स्ट्रैटिजिक पेट्रोलियम रिजर्व (SPR) से तेल निकालने की तैयारी में हैं। इसके लिए अमेरिका ने भारत, जापान और दक्षिण कोरिया के साथ मिलकर SPR से तेल निकालने और कर्ज पर तेल देने की योजना बनाई है।

क्या होता है स्ट्रैटिजिक पेट्रोलियम रिजर्व?

सबसे पहले तो यह जान लीजिए कि आखिर ये SPR होता क्या है? ये एक रणनीतिक तेल भंडार होता है, जहां अपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए कई देश कच्चे तेल का कुछ स्टॉक रिजर्व में रखते हैं।

इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) के 29 सदस्य देशों के पास अपना SPR है, जिसमें भारत भी शामिल है। इन देशों में अमेरिका के पास दुनिया का सबसे बड़े SPR है। इनमें करीब 71.4 करोड़ बैरल तेल रखा जा सकता है। अमेरिका में 1975 में तेल संकट के बाद, SPR की शुरुआत हुई थी।

अब अगर भारत की बात करें, देश में 3.69 करोड़ बैरल तेल इमरजेंसी के तौर पर रखा जाता है। किसी आपातकालीन स्थिति में इससे करीब नौ दिनों तक काम चलाया जा सकता है। ऑयल प्यूरिफिकेशन यूनिट्स में भी 64.5 दिन के लायक कच्चा तेल रखा जाता है।

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