Grasim Industries June Quarter Result: आदित्य बिड़ला ग्रुप की फ्लैगशिप कंपनी ग्रासिम इंडस्ट्रीज को अप्रैल-जून 2024 तिमाही में स्टैंडअलोन बेसिस पर 52.12 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ है। एक साल पहले इसी तिमाही में कंपनी को 355.27 करोड़ रुपये का स्टैंडअलोन शुद्ध मुनाफा हुआ था। ग्रासिम इंडस्ट्रीज ने शेयर बाजारों को बताया कि जून 2024 तिमाही में उसका ऑपरेशंस से स्टैंडअलोन रेवेन्यू सालाना आधार पर 10.5 प्रतिशत बढ़कर 6,893.87 करोड़ रुपये हो गया। जून 2023 तिमाही में यह 6,237.55 करोड़ रुपये था।
ग्रासिम इंडस्ट्रीज, आदित्य बिड़ला समूह की अल्ट्राटेक, आदित्य बिड़ला कैपिटल और आदित्य बिड़ला रिन्यूएबल्स जैसी प्रमुख कंपनियों को नियंत्रित करती है। कंपनी के स्टैंडअलोन खर्चे जून 2024 तिमाही में बढ़कर 7057.22 करोड़ रुपये पर पहुंच गए, जो एक साल पहले 5957.63 करोड़ रुपये के थे। कंपनी का अप्रैल-जून तिमाही में कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 12 प्रतिशत घटकर 2,267.74 करोड़ रुपये रह गया। बीते वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह 2,576.35 करोड़ रुपये रहा था।
Grasim Industries के मुताबिक, कंपनी का EBITDA जून 2024 तिमाही में 418 करोड़ रुपये रहा, जो एक साल पहले 789 करोड़ रुपये था। सीमेंट और पेंट समेत बिल्डिंग मैटेरियल बिजनेस के लिए EBITDA 2,909 करोड़ रुपये दर्ज किया गया, जो जून 2023 तिमाही में 3,143 करोड़ रुपये था।
ग्रासिम ने कम EBITDA की वजह बिरला ओपस ब्रांड के तहत पेंट्स व्यवसाय में प्लांड निवेश को बताया है। इसे पूरे देश में चरणबद्ध तरीके से लॉन्च किया जा रहा है, और मैन्युफैक्चरिंग प्लांट्स, मार्केटिंग चैनल्स और अन्य खर्चों के लिए कुल 10,000 करोड़ रुपये के निवेश को निर्धारित किया गया है। 30 जून तक, ग्रासिम ने पूंजीगत व्यय के रूप में पेंट्स व्यवसाय पर 7,795 करोड़ रुपये खर्च किए। ग्रासिम ने जून 2024 तिमाही में पूंजीगत व्यय के रूप में 983 करोड़ रुपये खर्च किए।
सेल्युलोसिक फाइबर और यार्न व्यवसायों में भी कमजोरी
कंपनी ने अपने मुख्य सेल्युलोसिक फाइबर और यार्न व्यवसायों में भी कमजोरी दर्ज की है। सेल्युलोसिक स्टेपल फाइबर सेगमेंट में बिक्री, वॉल्यूम के लिहाज से साल-दर-साल आधार पर 14 प्रतिशत बढ़कर 212,000 टन हो गई। कम मांग और सस्ते चीनी आयात के कारण तिमाही के दौरान सेल्युलोसिक फैशन यार्न सेगमेंट में वॉल्यूम सालाना आधार पर फ्लैट रहकर 9,500 टन रहा। सेल्युलोसिक सेगमेंट, जिसमें सेल्युलोसिक स्टेपल फाइबर और सेल्युलोसिक फैशन यार्न दोनों शामिल हैं, का रेवेन्यू साल-दर-साल आधार पर 6 प्रतिशत बढ़कर 3,787 करोड़ रुपये हो गया।
ग्रासिम इंडस्ट्रीज का शेयर 9 अगस्त को बीएसई पर 1 प्रतिशत की बढ़त के साथ 2576.10 रुपये पर बंद हुआ। कंपनी में जून 2024 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 43 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। पिछले एक साल में शेयर की कीमत 40 प्रतिशत चढ़ी है।
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