मार्केट कैप के हिसाब से देश की सबसे बड़ी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries) का बेसब्री से इंतजार हो रहा है। अधिकतर एनालिस्ट्स का मानना है कि इसके O2C बिजनेस में जो गिरावट होगी, वह इसके कंज्यूमर सेगमेंट्स जियो (Jio) और रिलायंस रिटेल (Reliance Retail) के मजबूत नतीजे से एडजस्ट हो जाएगी। एनालिस्ट्स के मुताबिक फेस्टिव सीजन में देरी का फायदा रिलायंस रिटेल को मिलेगा तो दिसंबर तिमाही में सब्सक्राइबर्स की संख्या में उछाल से जियो की ग्रोथ को सपोर्ट मिलेगा। इसके ईएंडपी (एक्स्प्लोरेशन एंड प्रोडक्शन) सेगमेंट के EBITDA में सालाना आधार पर उछाल दिख सकती है लेकिन O2C सेगमेंट में रिफाइनिंग मार्जिन में सुस्ती के चलते कमाई नरम हो सकती है।
पहले और अब में कितनी बदली Reliance
जेपी मॉर्गन के मुताबिक रिटेल और टेलीकॉम सेगमेंट में एंट्री से पहले रिलायंस की अर्निंग्स ग्रोथ या तो कैपिटल एक्सपेंडिचर या मार्जिन साइकिल पर निर्भर करती थी। उस समय कैपेक्स साइकिल का असर शेयरों पर भी दिखता था। आमतौर पर O2C सेगमेंट की कमाई कच्चे तेल की कीमतों और रिफाइनिंग मार्जिन की अनिश्चितता से प्रभावित होती है। अनुमान से अधिक समय तक चलने वाली रिफाइनिंग और पेट्रोकेमिकल परियोजनाओं में देरी से भी रिलायंस के वॉल्यूम और कमाई दोनों पर असर पड़ सकता है। हालांकि अब वोलैटिलिटी कम हो गई है क्योंकि रिलायंस रिटेल और जियो की रिलायंस को कुल EBITDA में करीब 50 फीसदी हिस्सेदारी है। जेपी मॉर्गन का अनुमान है कि अगले तीन वर्षों में इनकी हिस्सेदारी बढ़कर 95 फीसदी पर पहुंच जाएगी।
Reliance Retail के नतीजे पर रहेगी निगाहें
जेपी मॉर्गन के मुताबिक पिछली दो तिमाहियों की तरह दिसंबर तिमाही में भी रिटेल कारोबार में मजबूत वृद्धि रह सकती है। फेस्टिव सीजन और मार्जिन में विस्तार के चलते रिलायंस रिटेल का रेवेन्यू सालाना आधार पर दिसंबर तिमाही में 29 फीसदी उछल सकता है। ब्रोकरेज मॉर्गन स्टैनले के मुताबिक इनहाउस ब्रांड्स, नए स्टोर खोलने और तीन साल में करीब 1170 करोड़ डॉलर के निवेश का अब फायदा मिलने लगा है। मॉर्गन स्टैनले का मानना है कि इसके नतीजे पर करीब से निगाह रहेगी क्योंकि यह खर्चों के रुझान को पकड़ने में रिलायंस की क्षमता को साबित करेगा। मॉर्गन स्टैनले के मुताबिक चालू वित्त वर्ष 2023-24 की तीसरी तिमाही में इसका रेवेन्यू सालाना आधार पर 25 फीसदी उछल सकता है
मॉर्गन स्टैनले के मुताबिक दिसंबर तिमाही में इसका EBITDA सालाना आधार पर 33 फीसदी और तिमाही आधार पर 10.50 फीसदी उछलकर 6194.6 करोड़ रुपये रह सकता है। वहीं जेएम फाइनेंशियल का अनुमान 6197.1 करोड़ रुपये और जेपी मॉर्गन का अनुमान सालाना आधार पर 36 फीसदी और तिमाही आधार पर 11 फीसदी अधिक 6492.2 करोड़ रुपये का है।
दिसंबर तिमाही में Jio ने जोड़े 90 लाख सब्सक्राइबर्स
दिसबंर 2023 तिमाही में इसका EBITDA सालाना आधार पर 13 फीसदी उछल सकता है। हालांकि रिलायंस जियो ने अनलिमिटेड 5जी प्लान के जरिए 90 लाख सब्सक्राइबर्स जोड़े तो इसका प्रति यूजर औसतन रेवेन्यू (ARPU) ग्रोथ सुस्त रह सकता है। यूबीएस का मानना है कि बाजार हिस्सेदारी बनाए रखने के लिए टेलीकॉम कंपनियों के बीच तगड़ी प्राइसिंग वार और आक्रामक प्रतिस्पर्धा से इसका ARPU प्रभावित हो सकता है।
मॉर्गन स्टैनले के मुताबिक दिसंबर तिमाही में इसका EBITDA सालाना आधार पर 10.60 फीसदी और तिमाही आधार पर 2.60 फीसदी उछलकर 13,287.4 करोड़ रुपये रह सकता है। वहीं जेएम फाइनेंशियल का अनुमान 14,475.8 करोड़ रुपये और जेपी मॉर्गन का अनुमान सालाना आधार पर 13 फीसदी और तिमाही आधार पर 3 फीसदी अधिक 14,554.7 करोड़ रुपये का है।
जेपी मॉर्गन के मुताबिक दिसंबर तिमाही के नतीजे कमजोर आने के संकेत हैं लेकिन इसका रिलायंस के EPS पर खास झटका नहीं दिखना चाहिए। रिलायंस के शेयर पिछले तीन महीने ने निफ्टी 50 की तुलना में 6 फीसदी अधिक मजबूत हुए थे लेकिन पिछले एक साल में निफ्टी के मुकाबले इसका प्रदर्शन करीब 7 फीसदी कमजोर रहा। ब्रोकरेज के मुताबिक इसके रिटेल और टेलीकॉम कारोबार में पॉजिटिव बदलावों के आधार पर वित्त वर्ष 2025 की कमाई में अपग्रेड हो सकता है।
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