Get App

YES Bank की स्थिति में शानदार सुधार, स्थिर होने में 2 साल और लगेंगे: SBI के पूर्व चेयरमैन रजनीश कुमार

यस बैंक का मैनेजमेंट फिलहाल SBI की अगुवाई वाले निवेशकों के हाथ में है

MoneyControl Newsअपडेटेड Oct 21, 2021 पर 8:19 AM
YES Bank की स्थिति में शानदार सुधार, स्थिर होने में 2 साल और लगेंगे: SBI के पूर्व चेयरमैन रजनीश कुमार

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के पूर्व चेयरमैन रजनीश कुमार (Rajnish Kumar) ने कहा कि संकटग्रस्त यस बैंक (YES Bank) का मैनेजमेंट पिछले साल एसबीआई की अगुवाई वाले निवेशकों के हाथ में आया, जिसके बाद इस बैंक में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है और इसे स्थिर में अभी दो साल और लग सकते हैं।

उन्होंने कहा, "यस बैंक जिस स्थिति में था, उसे देखते हुए आपको इसे कम से कम तीन साल स्थिर होने के लिए देनें होंगे। जब एसबीआई के पास इसका कामकाज आया, तब स्थिति काफी बुरी थी। अभी इसमें शानदार सुधार दिख रहा है।"

ट्विटर CEO जैक डॉर्सी ने ट्वीट किया 6 अंकों का नंबर, बिटकॉइन प्रेमियों में मच गई हलचल!

अपनी किताब "कस्टोडियन ऑफ ट्रस्ट" में रजनीश कुमार ने लिखा है कि एसबीआई, यस बैंक में अंतिम उपाय के तौर पर निवेश करने की भूमिका नहीं चाहती थी, लेकिन परिस्थितियों ने इसे देश के चौथे सबसे बड़े प्राइवेट सेक्टर बैंक को बचाने के लिए मजबूर किया।

प्रारंभ में, मुझे विश्वास था कि छह बैंकों के विलय के बाद, एसबीआई एक और बैंक को बचाने के काम से बच जाएगा। एसबीआई द्वारा अंतिम खैरात (1995 में) काशी नाथ सेठ बैंक की थी, जो एक परिवार के स्वामित्व वाला बैंक था, जो उत्तर प्रदेश (यूपी) के कुछ जिलों में काम कर रहा था।

उन्होंने कहा, "शुरुआत में मुझे लगा कि 6 बैंकों के मर्जर के बाद एसबीआई को एक और बैंक को बचाने के काम से मुक्ति मिल जाएगी। एसबीआई ने इससे पहले आखिरी बेलआउट 1995 में काशी नाथ सेठ बैंक को दिया था, जो एक परिवार द्वारा संचालित बैंक था और यूपी के कुछ जिलों में फैला हुआ था।"

COVID-19: ब्रिटेन में 7 महीने बाद कोरोना से सर्वाधिक मौतें, डॉक्टरों ने की लॉकडाउन लगाने की मांग

सब समाचार

+ और भी पढ़ें