केंद्र सरकार ने पोस्ट डिवॉल्यूशन रेवेन्यू डेफिसिट (PDRD) ग्रांट के तौर पर राज्यों को जुलाई के लिए 9,871 करोड़ रुपये जारी किए हैं। यह PDRD ग्रांट की पांचवीं मासिक किस्त है। इसके साथ ही मौजूदा फाइनेंशियल ईयर में पात्र राज्यों को PDRD के तौर पर जारी की गई कुल राशि 49,355 करोड़ रुपये हो गई है।
संविधान के आर्टिकल 275 के तहत यह ग्रांट दी जाती है। डिवॉल्यूशन के बाद राज्यों के रेवेन्यू में कमी की भरपाई के लिए 15वें फाइनेंस कमीशन की सिफारिशों के अनुसार ग्रांट जारी की गई है।
फाइनेंस कमीशन ने मौजूदा फाइनेंशियल ईयर में 17 राज्यों को यह ग्रांट देने की सिफारिश की थी।
इस ग्रांट के लिए राज्यों की पात्रता और ग्रांट की राशि को फाइनेंस कमीशन ने रेवेन्यू के आकलन और राज्य के खर्च के बीच अंतर को मौजूदा फाइनेंशियल ईयर के लिए डिवॉल्यूशन के अनुमान को ध्यान में रखते हुए तय किया था।
ग्रांट पाने वाले राज्य असम, आंध्र प्रदेश, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक, केरल, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, पंजाब, राजस्थान, सिक्किम, तमिलनाडु, त्रिपुरा, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल हैं।
केरल को अभी तक लगभग 8,288 करोड़ रुपये की सबसे अधिक ग्रांट मिली है। इसके बाद पश्चिम बंगाल को 7,336 करोड़ रुपये मिले हैं।