Diabetes: अगर आप डायबिटीज के मरीज हैं तो 7 बजे के बाद खाना भूलकर भी न खाएं, जानिए क्यों

Diabetes: दफ्तर की थकान और घर के कामों के बीच अगर बर्तन धोना सबसे मुश्किल काम लगता है, तो ये देसी उपाय आपके बड़े काम आ सकता है। चावल का बचा हुआ पानी न सिर्फ गंदे बर्तनों की चिकनाई हटाता है, बल्कि उन्हें चमकदार भी बना देता है—वो भी बिना महंगे क्लीनर के

अपडेटेड Jul 17, 2025 पर 8:50 AM
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Diabetes: डायबिटीज के मरीजों को रात में तली-भुनी चीजें, मिठाइयां या भारी कार्ब्स नहीं खाने चाहिए।

मानसून का मौसम हो या सर्दी-गर्मी, लाइफस्टाइल की एक छोटी-सी गलती भी डायबिटीज मरीजों के लिए भारी पड़ सकती है। हेल्दी फूड के साथ-साथ उसे कब खाया जा रहा है, ये भी उतना ही जरूरी है। कई लोग सोचते हैं कि डिनर देर से करने से कोई फर्क नहीं पड़ता, लेकिन रिसर्च बताती है कि रात 7 बजे के बाद खाना खाने से ब्लड शुगर तेजी से बढ़ सकता है। खासकर डायबिटीज से जूझ रहे लोगों के लिए ये आदत उनकी हेल्थ को और बिगाड़ सकती है।

आजकल की बिजी लाइफ और लेट-नाइट डिनर कल्चर ने लोगों की सेहत पर गहरा असर डाला है। ऑफिस से देर से लौटने वाले या देर तक मोबाइल चलाने वालों के लिए ये आदत आम हो गई है, लेकिन इससे नींद, मेटाबॉलिज्म और ब्लड शुगर तीनों प्रभावित होते हैं। इसलिए अब वक्त है अपनी डिनर टाइमिंग पर दोबारा सोचने का

पाचन शक्ति होती है रात में कमजोर

आयुर्वेद के अनुसार, जैसे-जैसे दिन ढलता है, हमारी पाचन अग्नि यानी डाइजेस्टिव फायर कमजोर होती जाती है। ऐसे में रात को भारी भोजन करने पर खाना ठीक से पचता नहीं है और शरीर में टॉक्सिन्स बनने लगते हैं। ये टॉक्सिन्स कफ दोष को बढ़ाते हैं, और डायबिटीज का सीधा संबंध भी कफ असंतुलन से जोड़ा जाता है।


डायबिटीज में कफ दोष का असर ज्यादा

डायबिटीज को आयुर्वेद में 'मधुमेह' कहा गया है, जो मुख्य रूप से कफ दोष के कारण होता है। देर रात का भोजन शरीर में कफ बढ़ाने का काम करता है, जिससे मधुमेह के लक्षण और ज्यादा गंभीर हो सकते हैं। इसलिए डायबिटिक मरीजों को समय पर हल्का और संतुलित खाना लेने की सलाह दी जाती है।

डिनर मिस करना भी नहीं है हल

अगर किसी कारणवश आप 7 बजे तक खाना नहीं खा पाते हैं, तो भी डिनर छोड़ना सही नहीं है। खाना न खाने से शरीर में ब्लड शुगर गिर सकता है, जिससे कमजोरी और चक्कर आने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। बेहतर ये होगा कि आप कुछ हल्का खाएं जैसे सूप, खिचड़ी या उबली सब्जियां।

सोने से पहले खाना नहीं, ब्रेक जरूरी

रात के खाने और सोने के बीच कम से कम 2 घंटे का अंतर होना जरूरी है। जो लोग खाना खाकर तुरंत सो जाते हैं, उनका पाचन धीमा हो जाता है और इससे ब्लड शुगर स्तर बढ़ सकता है। इसलिए 7 बजे तक खाना खाकर 10 बजे तक सो जाना एक आदर्श रूटीन है।

रात को हल्का खाना दें प्राथमिकता

डायबिटीज के मरीजों को रात में तली-भुनी चीजें, मिठाइयां या भारी कार्ब्स नहीं खाने चाहिए। इसकी जगह दाल-सब्जी, मूंग दाल की खिचड़ी या हरी सब्जियों का सूप बेहतर विकल्प हैं। इससे पाचन आसान होता है और ब्लड शुगर भी नियंत्रित रहता है।

जल्दी डिनर का फायदा केवल डायबिटीज में नहीं

सिर्फ डायबिटीज के मरीज ही नहीं, बल्कि हर व्यक्ति को रात का खाना जल्दी करना चाहिए। इससे नींद बेहतर होती है, मोटापा नहीं बढ़ता और हॉर्मोन बैलेंस बना रहता है। इसके अलावा यह दिल की सेहत और मेटाबॉलिज्म के लिए भी फायदेमंद है।

नियमितता है सबसे जरूरी दवा

डायबिटीज को कंट्रोल करने में दवा से ज्यादा जरूरी है लाइफस्टाइल सुधार। खाने का समय तय रखना, रोजाना हल्की एक्सरसाइज करना और पर्याप्त नींद लेना आपके शुगर लेवल को नैचुरल तरीके से नियंत्रित रखने में मदद कर सकता है।

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