कैंसर (Cancer) एक जानलेवा बीमारी है। हालांकि इसका इलाज संभव है लेकिन फिर भी हर लाखों लोगों की मौत कैंसर के वजह से होती है। कुछ समय पहले रूस ने दावा किया था कि उसने कैंसर की वैक्सीन बना ली है। यह एक mRNA वैक्सीन है। रूस की इस खोज को सदी की सबसे बड़ी खोज माना जा रहा है। इस बीच ओरेकल के सीईओ ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा है कि AI के जरिए जल्द ही कैंसर डिटेक्शन से लेकर वैक्सीनेशन तक सब 48 घंटे में किया जा सकेगा।
ओरेकल के सीईओ लैरी एलिसन ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के साथ 48 घंटों के अंदर कैंसर का पता लगाने से लेकर उसकी कस्टम वैक्सीन तक बनाई जा सकेगी। इससे कैंसर के बारे में जल्द ही जानकारी मिल जाएगी। हालांकि लौरी ने कहा कि यब भविष्य का वादा है। यानी भविष्य में एआई के जरिए कैसंर का इलाज किया जा सकेगा।
अगर लैरी एलिसन कैंसर की वैक्सीन बनाने में कामयाब हो जाते हैं। तब ऐसी स्थिति में वैक्सीन बनाने के मामले रूस के बाद अमेरिका दूसरा देश बन जाएगा। लैरी ने कहा कि कैंसर से पीड़ित मरीज के लिए कस्टम वैक्सीन भी बनाई जा सकेगी। इसे खासस तौर पर उस व्यक्ति के कैंसर के प्रकार और स्थिति के हिसाब से तैयार का जाएगा। एलिसन ने यह भी कहा कि इस प्रक्रिया में AI का उपयोग मरीज के कैंसर की पहचान करने के लिए किया जाएगा। फिर उस व्यक्ति के शरीर के इम्यून सिस्टम को समझते हुए एक वैक्सीन तैयार की जाएगी। यह वैक्सीन कैसंर के खिलाफ लड़ने मं मदद करेगी। इसके जरिए कैंसर के इलाज में क्रांति आ सकती है। इसकी वजह ये है कि यह वैक्सीन खास तौर से कैंसर के मरीजे कि लिए बनाई गई है।
रूस के बाद अमेरिका में कैंसर की वैक्सीन बनने की संभावना
फिलहाल अमेरिका को वैक्सीन जल्द से जल्द बनाना होगा। इसकी वजह ये है कि रूस कैंसर की वैक्सीन बनाने के ले पहले ही ऐलान कर चुका है। उनके देश में 2025 से कैंसर की वैक्सीन लगनी शुरू हो जाएगी। रूस अपने नागरिकों को यह वैक्सीन फ्री में लगाएगा। ऐसे में अमेरिका इस बड़ी उपलब्धि में रूस से पिछड़ता हुआ नजर आ रहा है।
शरीर में करीब 30 लाख करोड़ कोशिकाएं होती हैं। ये सभी एक निश्चित पैटर्न में नियंत्रित तरीके से बढ़ती हैं और एक समय के बाद खुद ही नष्ट हो जाती हैं। लेकिन कैंसर होने पर यह नियंत्रित पैटर्न बिगड़ने लगता है। फिर यह एक जानलेवा बीमारी का रूप ले लेता है।