गर्मियों का मौसम जहां राहत भरी ठंडी चीजों की मांग बढ़ा देता है, वहीं हमारी लाइफस्टाइल और सेहत पर भी गहरा असर डालता है। भागदौड़ भरी जिंदगी, अनहेल्दी खान-पान और बढ़ते स्ट्रेस की वजह से हमारी इम्यूनिटी कमजोर होने लगती है। ऐसे में शरीर को अंदर से मजबूत करना बेहद जरूरी हो जाता है। यहां पर एक नेचुरल और असरदार उपाय के रूप में गिलोय जूस सामने आता है। आयुर्वेद में अमृता कहलाने वाला गिलोय न केवल रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है, बल्कि शरीर को डिटॉक्स कर कई गंभीर बीमारियों से भी बचाता है।
गिलोय जूस में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालते हैं, खून को शुद्ध करते हैं और प्लेटलेट्स की संख्या को बढ़ाते हैं। अगर आप हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाना चाहते हैं, तो गिलोय जूस को अपनी डेली रूटीन में शामिल करना एक स्मार्ट और नेचुरल चॉइस साबित हो सकता है।
अगर आपको कब्ज या अपच की समस्या रहती है तो गिलोय आपके लिए फायदेमंद हो सकता है। ये डाइजेशन सिस्टम को दुरुस्त रखता है और भोजन को अच्छे से पचाने में मदद करता है।
बार-बार बुखार से दिलाए राहत
गिलोय के एंटीपायरेटिक गुण बुखार को कंट्रोल करने में मदद करते हैं। डेंगू जैसी बीमारियों में प्लेटलेट्स की संख्या बनाए रखने के लिए भी इसका उपयोग फायदेमंद माना जाता है।
गिलोय जूस में हाइपोग्लाइसेमिक तत्व होते हैं, जो शरीर में ब्लड शुगर लेवल को कम करते हैं। टाइप 2 डायबिटीज से पीड़ित लोगों के लिए ये रामबाण उपाय है।
अर्थराइटिस के लक्षणों में राहत
जोड़ों के दर्द और सूजन में गिलोय जूस राहत देता है। इसमें मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण अर्थराइटिस के लक्षणों को कम करने में सहायक होते हैं।
गिलोय जूस शरीर में रेड ब्लड सेल्स की संख्या बढ़ाकर एनीमिया की कमजोरी और थकान को दूर करता है। ये आयरन की कमी के साथ-साथ अन्य कारणों से होने वाले एनीमिया में भी असरकारी है।
गिलोय में एडाप्टोजेनिक गुण होते हैं, जो दिमाग को शांत करते हैं और स्ट्रेस से राहत दिलाते हैं। ये चिंता और डिप्रेशन जैसे मानसिक तनाव को कम करने में कारगर है।
अस्थमा, खांसी और नाक की एलर्जी जैसी समस्याओं के लिए गिलोय का रस बहुत फायदेमंद होता है। ये फेफड़ों की सूजन को कम कर सांस की तकलीफ को राहत देता है।
गिलोय मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाता है और सूजन कम करता है। ये बार-बार भूख लगने की आदत को कंट्रोल कर वजन कम करने में मदद करता है।
गिलोय जूस बनाने का आसान तरीका
गिलोय की डंडियों को एक गिलास पानी में उबालें और जब पानी आधा रह जाए तो छानकर पी लें। इसे रोज सुबह खाली पेट पीना ज्यादा फायदेमंद होता है, लेकिन किसी भी समय सेवन किया जा सकता है।
डिस्क्लेमर: यह लेख सिर्फ सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें।