शरीर की सेहत दुरुस्त रखने के लिए जरूरी है उसकी सही देखभाल। इसके लिए व्यायाम और आराम के साथ साथ सही खानपान भी बहुत जरूरी है। आज हम यहां आपको खानपान से जुड़ी उन 7 हेल्दी आदतों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्हें अपनाने से इम्युनिटी मजबूत होती है और शरीर बाहरी इनफेक्शन से लड़ने में मजबूत होता है।
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में शरीर व्यायाम और नियमित आराम अक्सर पीछे छूट जाते हैं। इसलिए शरीर की बीमारियों से लड़ने की तकत कम होती जा रही है। लेकिन अपने खानपान में थोड़े-बदलाव लाकर हम अपने शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बना सकते हैं। मुंबई स्थित क्लिनिकल न्यूट्रिशनिस्ट डॉ. अनन्या कपूर ने मनीकंट्रोल डॉट कॉम को बताया कि प्रतिरक्षा प्रणाली के लिए जिम में पसीना बहाने या डॉक्टर से सप्लिमेंट लेने जितना ही जरूरी है रसोई में मौजूद चीजों को अपनाना। डॉ कपूर के मुताबिक, ‘कुछ पोषक तत्व व्हाइट ब्लड सेल्स को बनाने और उसके कामकाज को बढ़ाने के साथ ही एंटीबॉडी के उत्पादन और अन्य तंत्रों को सीधे तौर पर बढ़ाते हैं।’
सब्जियां और फल : गाजर, शिमला मिर्च, पालक और जामुन जैसी रंगीन फल और सब्जियों में अच्छी मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट और विटामिन होता है। खासतौर से ये विटामिन सी का भंडार होती हैं, जो प्रतिरक्षा कोशिकाओं के काम में मदद करता है। इन्हें अपनी डाइट में उबालकर, कच्चा या ताजा फल के तौर पर ले सकते हैं। इसकी पांच सर्विंग तक पर्याप्त होती है।
जड़ी-बूटियां और मसाले : हल्दी, अदरक, लहसुन और दालचीनी में सूजन-रोधी और जीवाणुरोधी गुण होते हैं। दूध में हल्दी, तले हुए खाद्य पदार्थों में लहसुन और चाय में अदरक मिलाने से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ा सकते हैं। ये चीजें पाचन में भी मदद करती हैं।
एंटीबॉडी बनाने के लिए लीन प्रोटीन : एंटीबॉडी और प्रतिरक्षा कोशिकाएं प्रोटीन से बनी होती हैं। अपने खानपान में लीन मीट, अंडे, मछली, डेयरी उत्पाद, बीन्स और दालें शामिल कर सकते हैं। अगर आप शाकाहारी हैं, तो छोले और किनुआ अच्छा विकल्प है।
सूजन से लड़ने के लिए हेल्दी फैट : सामन जैसी फैटी फिश, अखरोट, चिया सीड्स और अलसी में मौजूद ओमेगा-3 फैटी एसिड संक्रमणों के प्रति शरीर की प्रतिक्रिया को नियंत्रित करने में मदद करते हैं। खाना पकाने या सलाद ड्रेसिंग के लिए, रिफाइंड तेल की जगह एक्स्ट्रा वर्जिन ऑलिव ऑयल का इस्तेमाल करें।
पोषक तत्वों से भरपूर ड्रिंक्स : सादे पानी के अलावा, शरीर में पानी की पर्याप्त मात्रा के लिए ग्रीन टी, तुलसी, कैमोमाइल को अपने नियमित खानपान में शामिल कर सकते हैं। हाइड्रेशन के अलावा, ये स्वास्थ्यवर्धक हैं, साथ ही एंटीऑक्सीडेंट और बायोएक्टिव यौगिक भी प्रदान करते हैं जो रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं।
चीनी और प्रोसेस्ड फूड को कम करें : बहुत ज्यादा चीनी का सेवन रोग प्रतिरोधक क्षमता को कम करता है और सूजन को बढ़ाता है। पैकेज्ड स्नैक्स, सोडा और मिठाइयों का सेवन कम करें। इनकी जगह ताजे फल, मेवे या घर पर बने स्नैक्स लें।