आज की तेज रफ्तार जिंदगी में लोग सेहत के प्रति लापरवाह होते जा रहे हैं। फास्ट फूड, मीठे पेय पदार्थों और प्रोसेस्ड खाने का बढ़ता चलन, साथ ही व्यायाम की कमी, डायबिटीज जैसी गंभीर बीमारियों का मुख्य कारण बन चुका है। पहले ये बीमारी सिर्फ उम्रदराज लोगों में देखी जाती थी, लेकिन अब युवा और यहां तक कि किशोर भी इसके शिकार हो रहे हैं। सुबह की भागदौड़ में नाश्ता छोड़ देना, दिनभर स्क्रीन के सामने बैठे रहना और तनाव भरी दिनचर्या से शरीर में इंसुलिन का संतुलन बिगड़ने लगता है। इससे ब्लड शुगर का स्तर बढ़ता है और धीरे-धीरे डायबिटीज जड़ पकड़ लेती है।
इस बीमारी की शुरुआत में अक्सर शरीर कुछ संकेत देता है, खासकर हाथों और पैरों के माध्यम से। इन संकेतों को समझना और समय रहते सावधानी बरतना बेहद जरूरी है, ताकि भविष्य में गंभीर जटिलताओं से बचा जा सके।
ब्लड शुगर बढ़ने पर पहले हाथ
जब शरीर में इंसुलिन का उत्पादन या उसका इस्तेमाल ठीक से नहीं हो पाता, तो ब्लड शुगर लेवल बढ़ने लगता है। इसका सबसे पहले असर हाथों और पैरों पर दिखने लगता है। समय रहते इन लक्षणों को पहचानना जरूरी है।
हाथ-पैरों में ऐंठन और मांसपेशियों की जकड़न
डायबिटिक न्यूरोपैथी की वजह से मांसपेशियों में खिंचाव और ऐंठन आम बात हो जाती है। खासकर हाथ की उंगलियों के पास की त्वचा मोटी और सख्त होने लगती है, जिससे उंगलियों को मोड़ना मुश्किल हो सकता है।
फोरआर्म्स की स्किन हो सकती है मोटी और सख्त
डायबिटीज के कारण केवल हथेलियां ही नहीं, बल्कि फोरआर्म और अपर आर्म की त्वचा भी सख्त और कठोर हो सकती है।
हाथों पर दिख सकते हैं छाले
कई बार डायबिटीज के मरीजों के हाथों पर बिना दर्द वाले बड़े छाले दिखने लगते हैं। ये 2 या अधिक भी हो सकते हैं और ये भी बीमारी का एक संकेत हो सकता है।
हाथों की त्वचा में हो सकता है बार-बार संक्रमण
अगर बार-बार हाथों पर स्किन इंफेक्शन हो रहा है, जलन या सूजन हो रही है, तो इसे नजरअंदाज न करें। ये डायबिटीज का शुरुआती लक्षण हो सकता है।
पैरों में दर्द, सुन्नता और झुनझुनी
डायबिटीज की वजह से पैरों में लगातार दर्द, जलन, सुन्नता या झुनझुनी महसूस हो सकती है। ये शरीर के तंत्रिका तंत्र पर पड़ने वाले प्रभाव का नतीजा है।
डायबिटीज शरीर के किडनी, आंखें, दिल और पाचन तंत्र तक को प्रभावित कर सकती है। इसलिए हाथ-पैरों में कोई भी असामान्य लक्षण दिखे तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
डिस्क्लेमर: यह लेख सिर्फ सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें।