Colon Cancer: पेट में लगातार दर्द भी हो सकता है कोलन कैंसर! शरीर में दिख रहे हैं ये लक्षण तो ना करें नजरअंदाज

Colon Cancer: कोलन कैंसर धीरे-धीरे शरीर में पनपती है और अधिकतर मामलों में इसके लक्षण काफी देर से दिखाई देते हैं। जब तक मरीज को कुछ समझ आता है, तब तक कैंसर बढ़ चुका होता है। लेकिन अगर इसे शुरुआत में ही पहचान लिया जाए, तो इलाज के अच्छे नतीजे मिल सकते हैं

अपडेटेड Jun 05, 2025 पर 11:35 PM
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आइए जानते हैं इस बीमारी के साथ-साथ इसके लक्षण के बारे में भी

Colon Cancer: कैंसर...ये एक ऐसी बिमारी है जिसके नाम से ही डर लगता है। मौजूदा समय में देश ही नहीं बल्कि दुनियाभर में कैंसर की बीमारी तेजी से फैल रही है। दुनियाभर में कैंसर की चपेट में हर साल लाखों लोग आते हैं।कैंसर कई प्रकार के होते हैं, जैसे कि ब्रेस्ट, लंग्स और कोलन। कोलन कैंसर सबसे गंभीर माना जाने वाला कैंसर है, जो युवाओं को प्रभावित करता है। कोलन कैंसर यानी बड़ी आंत का कैंसर दुनिया भर में मौत का एक बड़ा कारण बनता जा रहा है।

कोलन कैंसर धीरे-धीरे शरीर में फैलता है और अधिकतर मामलों में इसके लक्षण काफी देर से दिखाई देते हैं। जब तक मरीज को कुछ समझ आता है तब तक कैंसर बढ़ चुका होता है। लेकिन अगर इसे शुरुआत में ही पहचान लिया जाए, तो इलाज के अच्छे नतीजे मिल सकते हैं। इसलिए जरूरी है कि इसके शुरुआती संकेतों को समय पर समझा जाए। आइए जानते हैं इस बीमारी के साथ-साथ इसके लक्षण के बारे में भी।

क्या है कोलन कैंसर


कोलन कैंसर एक ऐसी स्थिति है जिसमें बड़ी आंत के किसी हिस्से में कोशिकाएं असामान्य रूप से बढ़ने लगती हैं। यह बढ़ोतरी बिना नियंत्रण के होती है और धीरे-धीरे कैंसर का रूप ले लेती है। बड़ी आंत का पहला और सबसे लंबा हिस्सा 'कोलन' कहलाता है और यहीं से यह बीमारी शुरू होती है। पाचन प्रक्रिया का अंतिम हिस्सा यहीं होता है। इस बीमारी के पीछे कई कारण हो सकते हैं, जैसे उम्र का बढ़ना, परिवार में पहले किसी को यह बीमारी होना, पहले से कोई पेट संबंधी बीमारी रहना या फिर हमारी लाइफस्टाइल से जुड़ी कुछ आदतें जैसे असंतुलित डाइट, स्मोकिंग या कम फिजिकल एक्टिविटी, अनहेल्दी लाइफस्टाइल।

इन लक्षणों को नहीं करें नजरअंदाज

अब जानते हैं इसके कुछ ऐसे लक्षणों के बारे में, जिन्हें अगर नजरअंदाज किया गया तो वह गंभीर रूप ले सकते हैं। इसलिए जरूरी है कि समय रहते इन्हें पहचाना जाए।

दस्त या कब्ज का लंबे समय तक बने रहना

अगर किसी व्यक्ति की टॉयलेट की आदतों में लगातार बदलाव आ रहा हो, जैसे कई दिनों तक दस्त या कब्ज बने रहना या मल का आकार पतला हो जाना, तो यह चिंता की बात हो सकती है। ऐसे मामलों में व्यक्ति को यह भी महसूस हो सकता है कि पेट पूरी तरह साफ नहीं हो रहा। अगर यह स्थिति कुछ हफ्तों तक बनी रहती है तो डॉक्टर से सलाह जरूर लेनी चाहिए। पाचन संबंधी आदतों में बिना किसी वजह के आए बदलाव, कोलन कैंसर का शुरुआती संकेत हो सकते हैं। इन्हें हल्के में लेना ठीक नहीं है।

शरीर के इस हिस्से में खून बहना

अगर आपको मल में चमकता हुआ लाल रंग या गहरा रंग नजर आता है, तो यह आपके पाचन तंत्र में अंदरूनी खून बहने का संकेत हो सकता है। यह कोलन कैंसर का लक्षण भी हो सकता है। हालांकि कभी-कभी बवासीर जैसी आम समस्याओं में भी खून आ सकता है लेकिन अगर खून बार-बार या लगातार दिखे, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। इस तरह की स्थिति में बिना देरी किए डॉक्टर से मिलना जरूरी है, ताकि सही जांच हो सके और समय रहते इलाज शुरू किया जा सके। मल में खून आना कोई हल्की बात नहीं होती, यह आपके शरीर का एक गंभीर संकेत हो सकता है।

पेट में बार-बार दर्द

अगर आपको पेट में बार-बार दर्द, ऐंठन या सूजन की समस्या हो रही है, तो यह कोलन में किसी रुकावट या ट्यूमर का संकेत हो सकता है। खासकर जब यह दर्द कुछ दिनों तक लगातार बना रहे या समय के साथ बढ़ता जाए, तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। अक्सर ऐसे लक्षणों को लोग गैस या इर्रिटेबल बाउल सिंड्रोम जैसी मामूली परेशानी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन अगर परेशानी बनी रहे, तो डॉक्टर से जांच करवाना जरूरी है। समय पर पता चलने पर इलाज आसान हो सकता है।

वजन कम होना

अगर बिना डाइट बदले या एक्सरसाइज किए अचानक वजन घटने लगे, तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। बिना वजह वजन कम होना शरीर में किसी कोलन कैंसर जैसे गंभीर बीमारी का संकेत हो सकता है। कई बार कैंसर कोशिकाएं शरीर के मेटाबॉलिज्म को प्रभावित कर देती हैं, जिससे व्यक्ति का वजन खुद-ब-खुद कम होने लगता है। अगर यह लक्षण पेट दर्द, मल में खून या कब्ज जैसे और संकेतों के साथ दिखे, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है। समय पर जांच और इलाज से गंभीर खतरे को टाला जा सकता है।

थकान और एनीमिया की समस्या के साथ पेट में लगातार गैस या दर्द बना रहता है तो सावधान हो जाइए और डॉक्टर से मिलकर जांच जरूर कराएं।

डिस्क्लेमर: यह लेख सिर्फ सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें।

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