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वाटरफॉल में नहाते समय शख्स की नाक में चली गई जोंक, 15 दिन तक चूसती रही खून, फिर डॉक्टरों ने जो किया, देखकर हर कोई हैरान

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से चौंकाने वाला मामला सामने आया है। वाटरफॉल में नहाते समय एक शख्स की नाक में जोंक घुस गई। उसे इस बारे में पता ही नहीं चला। 15 दिन बाद डॉक्टर ने जोंक को जिंदा निकाला। डॉक्टरों का कहना है कि नाक के अंदर जोंक का मिलना अद्भुत घटना है

MoneyControl Newsअपडेटेड Jun 25, 2024 पर 4:04 PM
वाटरफॉल में नहाते समय शख्स की नाक में चली गई जोंक, 15 दिन तक चूसती रही खून, फिर डॉक्टरों ने जो किया, देखकर हर कोई हैरान
15 दिनों से मरीज के नाक में जिंदा जोंक छिपी हुई थी और खून चूस रही थी

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज (इलाहाबाद) के रहने वाले एक शख्स की नाक से डॉक्टरों ने जिंदा जोंक निकाला है। जोंक युवक की नाक में 15 दिन तक खून चूसता रहा। शुरुआत में दर्द हुआ और ब्लीडिंग शुरू हुई तो इसे सामान्य समझा। लेकिन समस्या बढ़ने पर वह डर गया। फौरन डॉक्टर के पास पहुंचा। जांच में पता चला कि युवक को कोई बीमारी नहीं, बल्कि उसकी नाक के अंदर जिंदा जोंक बैठकर खून चूस रहा है। ENT सर्जन डॉ. सुभाष चंद्र वर्मा ने एंडोस्कोपी से जोंक बाहर निकाला। डॉक्टर वर्मा ने कहा- ये रेयरेस्ट ऑफ रेयर है। शायद ही इस तरह का केस भारत में हुआ हो।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जानकारी के मुताबिक मरीज सुशील के नाक से कई दिनों से खून बाह रहा था और नाक के अंदर अजीब सी हलचल महसूस हो रही थी। ऐसे में 19 साल के सिशील ने फौरन डॉक्टरों से संपर्क किया। फिर डॉक्टरों ने ऑपरेशन के जरिए जिंदा जोंक को बाहर निकाला।

वाटरफॉल में नहाते समय नाक में घुस गया जोंक

दरअसल, सुशील दो हफ्ते पहले उत्तराखंड घूमने गए थे। वहां एक वॉटरफॉल में नहाने लगे। इसी दौरान उसके नाक के अंदर जोंक चली गई थी। तभी से जोंक उसका खून चूस रही थी। जोंक उसके नाक में काफी गहराई में, टर्बिनेट के पीछे छिपा हुआ था और धीरे-धीरे वहां से खून चूस रहा था। इसके बाद सुशील ने नाजरेथ अस्पताल के ईएनटी सर्जन डॉक्टर सुभाष चंद्र वर्मा को दिखाया। डॉक्टर वर्मा की टीम ने दूरबीन विधि से सफल ऑपरेशन किया। ऑपरेशन के बाद मरीज पूरी तरह से स्वस्थ है। डॉक्टरों की टीम में एनेस्थेटिक डॉक्टर एसबी सिंह, सिस्टर अन, सिस्टर शीनू के साथ ही डॉक्टर अनिर्विना मौजूद रहे। यह एक ऐसा जोंक था जो गीले और नमी वाली जगहों पर मिलता है। वह जिस जगह चिपक जाता है उसे जगह को बहुत नुकसान पहुंचता है।

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