Gut Health: पेट की सेहत के लिए कौन से फल है अच्छे और कौन से नहीं? डाइटिशियन से जानिए

Health: एसिडिटी के लिए एक पका हुआ केला या एक छोटा पीला इलायची लें। वैसे केला एक बढ़िया विकल्प हो सकता है। केले कम एसिड और हाई पेक्टिन कंटेन्ट वाले होते है। यह एक घुलनशील फाइबर होता है जो पेट की परत को कोट करने और जलन को कम करने में मदद करता है

अपडेटेड Jul 14, 2025 पर 10:06 PM
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हमें इस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए कि शरीर के पाचन तंत्र के लिए कौन से फल सबसे अच्छे और कौन से खराब होते है

Gut Health: किसी भी संतुलित आहार में फाइबर, विटामिन, खनिज और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर फल जरूरी होते है। ये हमारे शरीर को कई प्रकार के स्वास्थ्य लाभ प्रदान करते है, जिनमें कुछ प्रकार के कैंसर से बचाव, ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल के लेवल को कम करना शामिल है। हमें इस बात का भी ध्यान रखना चाहिए कि शरीर के पाचन तंत्र के लिए कौन से फल सबसे अच्छे और खराब होते है। आइए चेन्नई के श्री बालाजी मेडिकल सेंटर में एक रजिस्टर्ड डाइटिशियन दीपालक्ष्मी से जानते हैं।

कब्ज के लिए

अपनी सुबह की दिनचर्या में शामिल करने के लिए सबसे अच्छे फलों में से एक है पका पपीता। पपीते में पपेन नामक एक शक्तिशाली पाचक एंजाइम होता है, जो प्रोटीन को तोड़ने और पाचन में मदद करता है। पानी की उच्च मात्रा और नेचुरल फाइबर इसे और ज्यादा हेल्दी ऑप्शन बनाते है। खाली पेट पपीता खाने से न केवल नियमितता बढ़ती है बल्कि यह आपके पाचन तंत्र को सुचारु बनाकर पेट को आराम देता है।


एसिडिटी के लिए

एक पका हुआ केला या एक छोटा पीला इलायची लें। वैसे केला एक बढ़िया विकल्प हो सकता है। केले स्वाभाविक रूप से कम एसिड वाले और पेक्टिन में उच्च होते है। यह एक घुलनशील फाइबर होता है जो पेट की परत को कोट करने और जलन को कम करने में मदद करता है। इनमें पोटेशियम भी होता है, जो पेट में पीएच स्तर को संतुलित करने में मदद कर सकता है। हालांकि, उन्होंने बताया कि केले के पूरी तरह से पकने पर ही खाना है, क्योंकि कच्चे केले में प्रतिरोधी स्टार्च होता है जो कुछ व्यक्तियों में पाचन में देरी कर सकता है। हालांकि केले आम तौर पर सेफ फूड होते है।

सूजन या गैस के लिए

एक हैवी या प्रोटीन युक्त भोजन के बाद सूजन या सुस्ती महसूस हो सकती है। ऐसे मामलों में दीपालक्ष्मी ने बताया कि भोजन के बाद अनानास एक बेहतरीन फल हो सकता है। अनानास में ब्रोमेलैन होता है, एक नेचुरल एंजाइम जो प्रोटीन के पाचन में सहायता करता है और सूजन और गैस को कम करने में मदद करता है। इस एंजाइम में हल्के सूजन-रोधी गुड भी होता है, जो पेट की परेशानी को कम करने में मदद कर सकता है। वैसे अनानास अम्लीय होता है, इसलिए जिन व्यक्तियों को एसिड रिफ्लक्स या गैस्ट्रिक जलन की समस्या है, उन्हें इसका सेवन कम मात्रा में करना चाहिए।

बोनस के तौर पर उन्होंने बताया कि आमतौर पर खाए जाने वाले फलों में अमरूद सबसे अधिक प्रोटीन कंटेन्ट वाला फल है, जो प्रति 100 ग्राम में लगभग 2.6 से 3 ग्राम प्रोटीन प्रदान करता है। यह आहार फाइबर, विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट से भी भरपूर होता है। इससे शरीर को पाचन, अच्छा स्वास्थ के साथ कई फायदे होते है।

किन फलों से बचना चाहिए?

जब अपच और कब्ज एक साथ होते हैं, तो कई लोग मौसम्बी (स्वीट लाइम) का जूस पीते हैं। वे ये इसका सेवन करते है कि इसका हाइड्रेटिंग और विटामिन युक्त प्रोफाइल मदद करेगा। लेकिन दीपालक्ष्मी ने कहा कि ऐसा नहीं है। उन्होंने बताया, मौसम्बी ताजगी देती है और कुछ मात्रा में फाइबर भी प्रदान करती है। हालांकि, इसमें पपीता या अनानास जैसे फलों में पाए जाने वाले शक्तिशाली पाचक एंजाइमों की कमी होती है। इसकी अम्लीय प्रकृति संवेदनशील व्यक्तियों में सूजन का कारण भी बन सकती है, खासकर यदि भोजन के बाद या बड़ी मात्रा में सेवन किया जाए।

डिस्क्लेमर: यह लेख सिर्फ सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें।

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