गर्भावस्था किसी भी महिला के लिए जीवन का एक खास लेकिन संवेदनशील चरण होता है, जहां उसे न सिर्फ शारीरिक बल्कि मानसिक रूप से भी कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। खासतौर पर गर्भधारण के शुरुआती तीन महीने (फर्स्ट ट्राइमेस्टर) बेहद नाजुक होते हैं, क्योंकि इस दौरान भ्रूण का विकास प्रारंभिक अवस्था में होता है। छोटी-सी लापरवाही भी मिसकैरेज (गर्भपात) का कारण बन सकती है। यही कारण है कि डॉक्टर अक्सर सलाह देते हैं कि पहले तीन महीनों तक गर्भावस्था की खबर सार्वजनिक न करें। हालांकि, कई लोग इसे अंधविश्वास मानते हैं, लेकिन इसके पीछे ठोस मेडिकल कारण होते हैं।
