श्रावण मास में भगवान शिव की आराधना के लिए उपवास रखने की परंपरा है, लेकिन डायबिटीज के मरीजों के लिए यह समय सामान्य लोगों की तुलना में थोड़ा अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकता है। व्रत के दौरान बदलती खाने की आदतें, समय पर दवा न लेना, जरूरत से ज्यादा मीठा फल या स्टार्चयुक्त चीजें खाना — ये सभी बातें ब्लड शुगर लेवल को असंतुलित कर सकती हैं। ऐसे में शरीर में कमजोरी, चक्कर आना, सिरदर्द, थकान या हाइपोग्लाइसीमिया जैसी समस्याएं हो सकती हैं। लेकिन इसका ये मतलब नहीं कि डायबिटिक मरीज व्रत नहीं रख सकते।
