सुबह की शुरुआत ज्यादातर लोगों की चाय या कॉफी के साथ होती है। इसके बिना उनकी सुबह अधूरी होती है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि ये आपकी सेहत के लिए कितना सही है? यह सच है कि चाय और कॉफी में कैफीन (Caffeine) होता है, जो ताजगी और एनर्जी देता है, लेकिन खाली पेट हानिकारक भी हो सकता है। इससे सेहत की बैड बज सकती है। इसबीच पीएम मोदी के लाइफस्टाइल कोच ल्यूक कौटिन्हो ने बताया कि कब चाय-कॉफी का सेवन करना चाहिए। ऐसे में आइये जानते हैं आखिर ल्यूक के बताए हुए कुछ टिप्स।
दरअसल, चाय और कॉफी की प्रकृति अम्लीय होती है। इसे खाली पेट सेवन करने से एसिड-बेसिक संतुलन बिगड़ सकता है। जिससे एसिडिटी या अपच की शिकायत बढ़ सकती है। चाय में थियोफिलाइन नामक एक यौगिक भी होता है। जिसका डिहाइड्रेटिंक प्रभाव होता है। इससे कब्ज हो सकती है।
सुबह उठने के बाद कब पिएं चाय-कॉफी
ल्यूक का साफतौर पर कहना है कि सुबह उठते ही सबसे पहले चाय-कॉफी का सेवन नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि चाय-कॉफी पीने से पहले कम से कम 8 घंटे की भरपूर नींद लेनी चाहिए। इसके बाद जब आप सोकर उठें तो सबसे पहले अपने ईश्वर का धन्यवाद दे। फिर करीब आधा घंटे तक धूप में बैठना चाहिए। इसके बाद 10 मिनट स्ट्रेचिंग करें। जिसमें शरीर को अधिक से अधिक फैलाएं। प्राणायाम करें। बादाम खाएंष नींबू पानी पिएं। फिर करीब 3 घंटे बाद चाय-कॉफी का सेवन कर सकते हैं। ल्यूक का कहना है कि कैफीन से पहले शरीर में सर्केडियन मेडिसिन का शरीर में जाना बेहद जरूरी है। अगर आप गलत समय पर कैफीन लेते हैं तो शरीर के हॉर्मोन्स का बैलेंड बिगड़ने के आसार बढ़ सकते हैं। जिससे चाय कॉफी पीना सेहत के लिए महंगा पड़ सकता है।
गलत समय पर चाय-कॉफी सेहत के लिए हानिकारक
चाय और कॉफी में कैफीन और टैनिन (Tannins) जैसे तत्व पाए जाते हैं। यह पेट में एसिड का लेवल बढ़ा सकते हैं। अगर आप सुबह-सुबह खाली पेट चाय या कॉफी पीते हैं, तो इससे एसिडिटी, गैस, ब्लोटिंग और बदहजमी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। वहीं इससे हड्डियां भी कमजोर हो सकती हैं। अगर आप लंबे समय तक खाली पेट चाय-कॉफी पीते हैं, तो इससे हड्डियों में दर्द और ऑस्टियोपोरोसिस (Osteoporosis) का खतरा बढ़ सकता है।
नींद पर असर और स्ट्रेस बढ़ाता है
वहीं सुबह-सुबह चाय या कॉफी पीने से कैफीन का सीधा असर दिमाग पर पड़ता है। जिससे कुछ देर के लिए एक्टिव तो महसूस कर सकते हैं, लेकिन धीरे-धीरे यह नींद की क्वालिटी को खराब कर सकता है। इससे तनाव और चिंता भी बढ़ सकती है।
डिस्क्लेमर: यह लेख सिर्फ सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें।