भागमभाग वाली जिंदगी में बालों की समस्या आम बात है। इसके लिए लोगों की लाइफस्टाइल में आए बदलाव के साथ ही और भी कई कारण जिम्मेदार हैं। इनकी वजह से बालों का असमय सफेद होने, झड़ने और डैंड्रफ की दिक्कत हो जाती है। इन समस्याओं से निपटने में कई बार हमारे आयुर्वेद में बतायी गयी जड़ी-बूटियां भी मददगार होती हैं। भृंगराज (Bhringaraj) ऐसी ही अचूक औषधि है जिसकी मदद से बालों की समस्या से निपटा जा सकता है।
आयुर्वेद में Bhringaraj को केशराज यानी बालों का राजा कहा गया है। यह जड़ी-बूटी बालों की जड़ों को ताकत देती है, जिससे उनका झड़ना कम होता है, रूसी में कमी आती है और नियमित इस्तेमाल से सफेद बाल काले होने लगते हैं।
इन तरीकों से कर सकते हैं भृंगराज का इस्तेमाल
भृंगराज और रीठा से बनायें नेचुरल शैंपू- भृंगराज की तरह रीठा भी आयूर्वेद की महत्वपूर्ण जड़ी-बूटी है। रीठा का इस्तेमाल प्रकृतिक साबुन की तरह कई चीजों में किया जाता है। इसे भृंगराज के पाउडर के साथ मिलाकर घर पर शैंपू तैयार किया जा सकता है। इसे हफ्ते में दो बार बालों में इस्तेमाल कर सकते हैं।
बालों को दें भृंगराज के हेयर मास्क का पोषण
भृंगराज के पाउडर से बालों के लिए जरूरी न्यूट्रिशन वाला हेयर मास्क बना सकते हैं। यह ऑयली और रूखे दोनों तरह के बालों के लिए कारगर रहता है। ऑयली बालों के लिए भृंगराज के पाउडर में एलोवेरा जेल और थोड़ा सा नारियल तेल मिलाकर हेयर मास्क बना सकते हैं। वहीं, रूखे बालों के लिए इसके पाउडर में दही मिला सकते हैं।
भृंगराज के तेल की मसाज बालों को मजबूत और घना बनाती है। इसके तेल से हफ्ते में दो बार सिर की मसाज कर सकते हैं। इससे खून का बहाव तेज होता है और बालों की जड़ों तक न्यूट्रिशन पहुंचता है।
दुनियाभर के एक्सपर्ट घी की ताकत का लोहा मान चुके हैं। घी हड्डियों और मसल्स को ही नहीं बालों को भी पोषण देता है। गाय के दूध से बना देसी घी अपने रोज के खाने में शामिल कर बालों की कई समस्या से छुटकारा पा सकते हैं।
बालों की अच्छी सेहत के लिए भृंगराज का सिरप भी काफी कारगर रहता है। खाने के बाद पानी के साथ इसका सिरप लेने से डाइजेशन सुधरता है और शरीर मजबूत होता है।
डिस्क्लेमर: यह लेख सिर्फ सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें।