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भारत के अजीबोगरीब 5 गांव, जहां सिर्फ रहते हैं करोड़पति, बोलते हैं संस्कृत, 50 साल से नहीं हुई इस गांव में शादी

कर्नाटक के शिवमोग्गा जिले में स्थित एक गांव मत्तूर है। यहां के अधिकांश लोकल लोग अपने दैनिक जीवन में संस्कृत भाषा का उपयोग करते हैं

MoneyControl Newsअपडेटेड Aug 24, 2022 पर 6:32 PM
भारत के अजीबोगरीब 5 गांव, जहां सिर्फ रहते हैं करोड़पति, बोलते हैं संस्कृत, 50 साल से नहीं हुई इस गांव में शादी
ये हैं भारत के 5 अजीबोगरीब गांव।

यदि आप वास्तव में भारत को जानना चाहते हैं, तो गांवों की यात्रा करें। भारत में लाखों की संख्या में गांव है। यहां हजारों की संख्यां में गांवों को घुमना काफी मुश्किल है। यहां हम भारत के ऐसे गांवों के बारे में बता रहे हैं जो अपनी किसी न किसी बड़ी कमी के कारण या खासियत के कारण फेमस है। यहां आपको जिन गांवों के बारे में बता रहे हैं, हो सकता है उन लोगों के लिए यह सामान्य बात हो जो यहां रहते हैं।

1. मत्तूर विलेज, कर्नाटक (Mattur Village, Karnataka)

कर्नाटक के शिवमोग्गा जिले में स्थित एक गांव मत्तूर है। यहां के अधिकांश लोकल लोग अपने दैनिक जीवन में संस्कृत भाषा का उपयोग करते हैं। भले ही कर्नाटक की आधिकारिक भाषा कन्नड़ है, लेकिन इस गांव के निवासी संस्कृत के साथ सहज हैं। यदि आप सोच रहे हैं कि इसमें क्या असामान्य है, तो संस्कृत एक प्राचीन भारतीय भाषा है जो अब सक्रिय रूप से बोली जाने वाली भाषा नहीं है। भारत के कुछ स्कूलों में एक विषय के रूप में संस्कृत है, लेकिन भारत में कहीं भी भाषा का उपयोग धार्मिक समारोहों तक ही सीमित है। मट्टूर गांव के निवासियों के लिए, यह उनकी सामान्य भाषा है।

2. लोंगवा गांव, नागालैंड (Longwa Village, Nagaland)

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