Nagaland Firing: नगालैंड मामले पर अमित शाह ने संसद में जताया खेद, बोले- गलत पहचान की वजह से हुई फायरिंग

गृह मंत्री ने लोकसभा में कहा कि नगालैंड फायरिंग में नागरिकों की मौत पर केंद्र सरकार को अफसोस है

अपडेटेड Dec 06, 2021 पर 5:20 PM
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नगालैंड फायरिंग मामले में अमित शाह ने जताया अफसोस

Nagaland Firing: नगालैंड फायरिंग मामले पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने सोमवार को लोकसभा में बयान दिया। गृह मंत्री ने नगालैंड फायरिंग पर खेद जताते हुए कहा कि गलत पहचान की वजह से यह घटना हुई, जिसमें 14 नागरिकों और एक जवान की मौत हो गई। उन्‍होंने कहा कि मामले में उच्‍चस्‍तरीय जांच के आदेश दे दिए गए हैं और राज्‍य में शांति व्‍यवस्‍था को बरकरार रखने के लिए पूरे प्रयास किए जा रहे हैं।

'भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों'

शाह ने कहा कि भारत सरकार नगालैंड की घटना पर अत्यंत खेद प्रकट करती है और सभी एजेंसियों से यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। गृह मंत्री ने कहा कि नगालैंड की घटना की विस्तृत जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है जिसे एक महीने के अंदर जांच पूरी करने को कहा गया है।


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उन्होंने कहा कि सभी एजेंसियों से यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि भविष्य में विद्रोहियों के खिलाफ अभियान चलाते समय इस तरह की किसी घटना की पुनरावृत्ति नहीं हो। भारत सरकार इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना पर खेद व्यक्त करती है।

शाह ने बताया पूरा घटनाक्रम

अमित शाह ने कहा कि सेना के 21 पैरा कमांडों को जानकारी मिली थी कि मोन जिले के तिरु इलाके में संदिग्ध विद्रोहियों की आवाजाही हो सकती है। इसके बाद सेना ने वहां पर जाल बिछाया और शनिवार शाम को जब वहां से एक गाड़ी गुजर रही थी तो सेना ने इस वाहन को रुकने को कहा, लेकिन ये गाड़ी रुकने के बजाय वहां से तेजी से गुजरने लगी।

इसके बाद सेना ने गाड़ी में संदिग्धों के होने की आशंका में गोलियां चलाई। इस दौरान वाहन में 8 लोग सवार थे, जिसमें से फायरिंग में 6 लोग मारे गए। शाह ने कहा कि बाद में ये गलत पहचान का मामला साबित हुआ। गृह मंत्री ने आगे कहा कि वाहन में सवार 2 लोगों को सेना द्वारा अस्पताल में भर्ती कराया गया।

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यह समाचार मिलने के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने सेना की टुकड़ी को घेर लिया और उनकी गाड़ियों को जला दिया और उनपर हमला कर दिया। इसकी वजह से एक जवान की मौत हो गई और कई घायल हो गए। अपनी सुरक्षा में और भीड़ को हटाने के लिए सुरक्षा बलों को गोली चलानी पड़ी। इससे 7 और नागरिकों की मृत्यु हो गई तथा कुछ और घायल हो गए।

मेजर जनरल-रैंक के अधिकारी करेंगे जांच

असम पुलिस ने रविवार को कहा कि नगालैंड के मोन जिले में सुरक्षा बलों द्वारा गोलीबारी की लगातार तीन घटनाओं में 14 लोगों की मौत हो गई और 11 अन्य घायल हो गए। पुलिस के मुताबिक गोलीबारी की पहली घटना संभवतः गलत पहचाने जाने का मामला था।

भारतीय सेना ने एक मेजर जनरल-रैंक के अधिकारी के तहत नगालैंड नागरिक हत्याओं की जांच के लिए कोर्ट ऑफ इंक्वायरी की स्थापना की है। इस घटना में एक जवान की भी मौत हो गई है। सेना ने रविवार को इस मामले की कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी का आदेश दिया और इस घटना पर गहरा खेद व्यक्त किया।

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