मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह (Param Bir Singh) को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) से बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने परमबीर सिंह को गिरफ्तारी से मिली अंतरिम राहत को बरकरार रखा है।
मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह (Param Bir Singh) को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) से बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने परमबीर सिंह को गिरफ्तारी से मिली अंतरिम राहत को बरकरार रखा है।
फिलहाल सिंह के खिलाफ मुंबई पुलिस किसी मामले में चार्जशीट दाखिल नहीं करेगी। शीर्ष अदालत ने गत 22 नवंबर को सिंह को बड़ी राहत देते हुए महाराष्ट्र पुलिस को उनके खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों में उन्हें गिरफ्तार न करने का निर्देश दिया था।
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को आदेश दिया कि मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह को गिरफ्तारी से दी गई अंतरिम सुरक्षा जारी रहेगी और महाराष्ट्र पुलिस को उनके खिलाफ दर्ज FIR पर अपनी जांच जारी रखने का निर्देश दिया।
11 जनवरी को होगी अगली सुनवाई
हालांकि, शीर्ष अदालत ने कहा कि उन मामलों में अदालत में कोई चालान दायर नहीं किया जाएगा। अदालत ने सीबीआई को सिंह की याचिका पर अपना हलफनामा दाखिल करने के लिए भी कहा है और मामले की अगली सुनवाई 11 जनवरी, 2022 को तय की है।
सीबीआई ने शीर्ष अदालत को बताया कि उसे महाराष्ट्र पुलिस द्वारा सिंह के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों की जांच अपने हाथ में लेने में कोई समस्या नहीं है। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट परमबीर सिंह के खिलाफ दर्ज मुकदमे CBI को ट्रांसफर करने का संकेत दिया। सभी पक्षों से 3 हफ्ते में लिखित जवाब दाखिल करने के लिए कहा है।
उद्धव सरकार ने किया सस्पेंड
परमबीर सिंह को महाराष्ट्र की उद्धव ठाकरे सरकार ने निलंबित कर दिया है। वर्तमान में होम गार्ड्स के महानिदेशक के पद पर तैनात सिंह को मुंबई और ठाणे में कथित तौर पर जबरन वसूली के कम से कम पांच मामलों में आरोपी बनाए जाने के बाद गुरुवार को निलंबित कर दिया गया था। मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर सिंह ने पहले राज्य के तत्कालीन गृह मंत्री अनिल देशमुख पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे।
अनिल देशमुख पर लगाया था वसूली का आरोप
दरअसल, इस साल की शुरुआत में दक्षिण मुंबई में उद्योगपति मुकेश अंबानी के घर एंटीलिया के पास एक एसयूवी से विस्फोटक बरामदगी और कारोबारी मनसुख हिरेन की हत्या के बाद से परमबीर सिंह के खिलाफ मुंबई और उसके आसपास के थानों में कई FIR दर्ज किए गए हैं। इस मामले में मुंबई पुलिस के एएसआई सचिन वाजे और सीनियर इंस्पेक्टर प्रदीप शर्मा को गिरफ्तार भी किया गया था।
एंटीलिया कांड के बाद मार्च में मुंबई पुलिस कमिश्नर के पद से ट्रांसफर कर दिए गए सिंह ने आरोप लगाया था कि राज्य के तत्कालीन गृह मंत्री अनिल देशमुख ने पुलिस अधिकारियों से शहर के बार और रेस्तरां से एक महीने में 100 करोड़ रुपये की वसूली करने के लिए कहा था। इस संबंध में परमबीर सिंह ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को एक मेल के जरिए 100 करोड़ रुपए वसूली का सनसनीखेज आरोप लगाया था।
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