विदेशी निवेश यानी FDI के प्रस्तावों को मंजूरी देने में हो रही लेट लतीफी जल्द दूर होगी। सीएनबीसी आवाज को मिली एक्सक्लूसिव जानकारी के मुताबिक हाल ही में कैबिनेट सचिव ने संबंधित मंत्रालयों के साथ बैठक में लेट लतीफी पर गहरी नाराजगी जताई है।
विदेशी निवेश यानी FDI के प्रस्तावों को मंजूरी देने में हो रही लेट लतीफी जल्द दूर होगी। सीएनबीसी आवाज को मिली एक्सक्लूसिव जानकारी के मुताबिक हाल ही में कैबिनेट सचिव ने संबंधित मंत्रालयों के साथ बैठक में लेट लतीफी पर गहरी नाराजगी जताई है।
सूत्रों के मुताबिक विदेशी निवेशों के कई प्रस्ताव इस समय लंबित पड़े हुए हैं। इसकी लेट-लतीफी और इस पर फैसला नहीं होने के कारण संबंधित मंत्रालयों को कैबिनटे सचिव की नाराजगी से दो-चार होना पड़ा है। जिसके बाद से माना जा रहा है कि इन प्रस्तावों पर अब संबंधित मंत्रालयों द्वारा तेजी से फैसले लिये जायेंगे।
सीएनबीसी-आवाज़ के लक्ष्मण रॉय ने सूत्रों के हवाले से बताया कि अब FDI प्रस्तावों की तुरंत मंजूरी के लिए कदम उठाये जायेंगे। उन्होंने बताया कि कैबिनेट सचिव की बैठक में इस संबंध में फैसला लिया गया। सूत्रों के अनुसार इस मामले पर IMC की सिफारिश के बाद संबंधित विभागों को तुरंत फैसला लेना होगा।
लक्ष्मण ने बताया कि प्रेस नोट 3 से जुड़े प्रस्तावों पर हर महीने IMC की बैठक होगी। इसके साथ ही प्रेस नोट 3 से जुड़े प्रस्तावों के लिए थ्रेश होल़्ड पर फैसला जल्द लिया जायेगा। सूत्रों के मुताबिक गृह मंत्रालय और IMC की सिफारिश के लिए प्रस्ताव एक साथ भेजने पर भी विचार किया गया। इसके अलावा लंबित प्रस्तावों के लिए FIP Portal में ऑटोमेटिक alert और कलर कोडिंग की तैयारी की भी योजना बनाई जा रही है।
लक्ष्मण ने आगे कहा कि FDI के करीब 120 से ज्यादा प्रस्ताव इस समय सरकारी मंजूरी के इंतजार में पड़े हुए हैं। इसमें से सबसे ज्यादा प्रस्ताव चीन समेत बांग्लादेश और सीमावर्ती देशों के FDI के 90 से ज्यादा प्रस्ताव लंबित हैं। उन्होंने कहा आंकड़ों के हिसाब से देखें तो चीन के 46 प्रतिशत प्रस्ताव इस समय लंबित पड़े हैं।
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