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म्यांमार में कोरोना और तख्तापलट की मार से पूर्वोतर राज्यों में घुसपैठ और संक्रमण का खतरा

म्यांमार में तख्तापलट के बाद से सेना के क्रूर अभियान से बचने के लिए हजारों लोगों ने वहां से भागकर मिजोरम, मणिपुर और नागालैंड में शरण ली है

MoneyControl Newsअपडेटेड Jul 26, 2021 पर 10:08 AM
म्यांमार में कोरोना और तख्तापलट की मार से पूर्वोतर राज्यों में घुसपैठ और संक्रमण का खतरा

भारत के पड़ोसी देश म्यांमार में फरवरी में सरकार के तख्तापलट के बाद से जनता के विरोध प्रदर्शनों को दबाने के लिए सैन्य अभियान चल रहा है। म्यांमार से हजारों लोगों ने भागकर भारत के पूर्वोत्तर राज्यों में शरण ली है। म्यांमार में कोरोना के मामले बढ़ने से पूर्वोत्तर राज्यों में संक्रमण फैलने का खतरा भी बढ़ गया है।

संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, म्यांमार में सैन्य अभियान और उसके जवाब में विद्रोही गुटों के हमलों से लगभग 2,30,000 लोग विस्थापित हुए हैं।

म्यांमार के सेना ने जनता के विरोध प्रदर्शनों के खिलाफ एक क्रूर अभियान चलाया है जिसमें अभी तक लगभग 930 लोग मारे गए हैं और 5,300 से अधिक लोगों की गिरफ्तारी हुई है।

कोरोना को लेकर भी म्यांमार की स्थिति खराब है। पिछले वर्ष की शुरुआत में महामारी के फैलने के बाद से अब तक वहां 6,450 से अधिक मृत्यु की रिपोर्ट है। जुलाई के तीन सप्ताह में 2,000 से अधिक लोगों की कोरोना से मौत हुई है।

पूर्वोत्तर राज्यों में पहुंच रहे म्यांमार से शरणार्थी

म्यांमार में गृह युद्ध जैसे हालात होने से एक बड़ा मानवीय संकट खड़ा हो गया है। इससे हजारों लोगों ने म्यांमार से भागकर पूर्वोत्तर राज्यों में शरण ली है। भारत के पूर्वोत्तर राज्यों की लगभग 1,643 किलोमीटर खुली सीमा म्यांमार से लगती है।

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