Assam Floods: असम में बाढ़ की स्थिति बेहद गंभीर हो गई है। राज्य के कई इलाकों में रुक-रुक कर बारिश होने से नए इलाके भी जलमग्न हो गए हैं। बाढ़ से 12 जिलों में करीब पांच लाख लोग प्रभावित हैं। एक आधिकारिक बुलेटिन में जानकारी दी गई है कि बाढ़ के कारण एक व्यक्ति की मौत हो गई है। मौसम विभाग ने एक बार फिर मूसलाधार बारिश की चेतावनी देते हुए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है। IMD अगले कुछ दिनों तक असम के कई जिलों में भारी बारिश का अनुमान जताया है। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) की रिपोर्ट के अनुसार उदलगुरी जिले के तामुलपुर में बाढ़ के कारण एक व्यक्ति की मौत हो गई।
ASDMA की रिपोर्ट में कहा गया है कि बक्सा, बारपेटा, चिरांग, दरांग, धुबरी, डिब्रूगढ़, कामरूप, कोकराझार, लखीमपुर, नलबाड़ी, सोनितपुर और उदलगुरी जिलों में बाढ़ के कारण 4,95,700 से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। इसमें कहा गया है कि बारपेटा 3,25,600 से अधिक लोगों के साथ सबसे बुरी तरह प्रभावित है। इसके बाद नलबाड़ी में 77,700 से अधिक लोग और लखीमपुर में लगभग 25,700 लोग पीड़ित हैं।
प्रशासन सात जिलों में 83 राहत शिविर चला रहा है, जहां 14,035 लोगों ने शरण ली हुई है। जबकि आठ जिलों में 79 राहत वितरण केंद्र चला रहा है। गुवाहाटी में IMD के क्षेत्रीय मौसम केंद्र ने 24 घंटे के लिए चेतावनी जारी की है। इसके अलावा इस वीकेंड के लिए 'येलो अलर्ट' भी जारी किया है। 'रेड अलर्ट' का अर्थ है तत्काल कार्रवाई करना, जबकि 'ऑरेंज अलर्ट' का अर्थ है कार्रवाई के लिए तैयार रहना और 'येलो अलर्ट' का अर्थ है सचेत और अवगत रहना।
NDRF और SDRF ने 561 लोगों को बचाया
सेना, अर्द्धसैनिक बल, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), राज्य आपदा मोचन बल (SDRF), फायर और इमरजेंसी सर्विस (F&ES), नागरिक प्रशासन, गैर सरकारी संगठनों (NGO) तथा स्थानीय लोगों ने विभिन्न स्थानों से 561 लोगों को बचाकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया है। ASDMA के बुलेटिन में कहा गया है कि वर्तमान में, 1,366 गांव जलमग्न हैं और पूरे असम में 14,091.90 हेक्टेयर खेत क्षतिग्रस्त हो गए हैं।
बुलेटिन में कहा गया है कि बक्सा, बारपेटा, सोनितपुर, धुबरी, डिब्रूगढ़, कामरूप, कोकराझार, लखीमपुर, माजुली, मोरीगांव, नागांव, दक्षिण सलमारा और उदलगुरी में व्यापक भूमिकटाव देखा गया है। दीमा हसाओ और कामरूप मेट्रोपोलिटन में कई स्थानों से भूस्खलन और भारी बारिश की सूचना है।
बक्सा, नलबाड़ी, बारपेटा, सोनितपुर, बोंगाईगांव, दरांग, चिरांग, धुबरी, गोलपारा, कामरूप, कोकराझार, लखीमपुर, नागांव, उदलगुरी, धेमाजी और माजुली में बाढ़ के पानी से तटबंध, सड़कें, पुल और अन्य बुनियादी ढांचे क्षतिग्रस्त हो गए हैं।
बारपेटा, दरांग, कामरूप मेट्रोपॉलिटन, कोकराझार और नलबाड़ी जिलों में कई स्थानों पर शहरी इलाके जलमग्न हो गए। ASDMA की रिपोर्ट में बताया गया है कि ब्रह्मपुत्र नदी की सहायक नदी बेकी तीन स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।