Atal Bihari Vajpayee Birthday: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने सोमवार को पूर्व प्रधानमंत्री 'भारत रत्न' अटल बिहारी वाजपेयी की 99वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। पीएम मोदी ने कहा कि भारत माता के प्रति उनका समर्पण और सेवा अमर युग में भी प्रेरणा का स्रोत बनी रहेगी। प्रधानमंत्री मोदी ने 'सदैव अटल' स्मारक का भी दौरा किया और पूर्व पीएम को पुष्पांजलि अर्पित की। पीएम मोदी के साथ राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू भी श्रद्धांजलि समारोह में शामिल हुईं। प्रधानमंत्री मोदी ने स्वतंत्रता सेनानी पंडित मदन मोहन मालवीय की जयंती पर उन्हें भी श्रद्धांजलि अर्पित की।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर पीएम मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल जी का एक वीडियो शेयर करते हुए लिखा, "पूर्व प्रधानमंत्री आदरणीय अटल बिहारी वाजपेयी जी को उनकी जयंती पर देश के सभी परिवारजनों की ओर से मेरा कोटि-कोटि नमन। वे जीवनपर्यंत राष्ट्र निर्माण को गति देने में जुटे रहे। मां भारती के लिए उनका समर्पण और सेवा भाव अमृतकाल में भी प्रेरणास्रोत बना रहेगा।"
पीएम मोदी के वॉयसओवर के साथ वीडियो में अटल बिहारी वाजपेयी को एक समर्पित नेता के रूप में वर्णित किया गया है, जिन्होंने अपना पूरा जीवन देश की सेवा में बिताया। पीएम मोदी ने एक अन्य पोस्ट में लिखा, "भारत और भारतीयता को समर्पित महामना पंडित मदन मोहन मालवीय जी को उनकी जन्म-जयंती पर शत-शत नमन। उनका अतुलनीय व्यक्तित्व और कृतित्व देश की हर पीढ़ी को प्रेरित करता रहेगा।"
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि देते हुए सोमवार को कहा कि उन्होंने परमाणु परीक्षणों एवं करगिल युद्ध के जरिए दुनिया को उभरते भारत की ताकत से अवगत कराया। शाह ने जाने माने शिक्षाविद और समाज सुधारक पंडित मदन मोहन मालवीय को भी उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि दी। गृह मंत्री ने कहा कि वाजपेयी ने समाज की निस्वार्थ सेवा की और देश उनके विराट योगदान को हमेशा याद रखेगा।
उन्होंने कहा कि वाजपेयी ने जहां एक ओर परमाणु परीक्षण और करगिल युद्ध में विश्व को उभरते भारत की शक्ति का एहसास करवाया, तो वहीं दूसरी ओर देश में सुशासन की परिकल्पना को चरितार्थ किया। वर्ष 1924 में आज ही के दिन भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का जन्म हुआ था। वह भारतीय जनता पार्टी के संस्थापकों में एक थे। वह तीन बार देश के प्रधानमंत्री बने।
उनका पहला कार्यकाल 1996 में मात्र 13 दिनों का था। इसके बाद, वह 1998 में फिर प्रधानमंत्री बनें और 13 महीने तक इस पद को संभाला। वर्ष 1999 में वह तीसरी बार देश के प्रधानमंत्री बने। वह पहले ऐसे गैर-कांग्रेसी नेता थे, जिन्होंने प्रधानमंत्री के रूप में अपना कार्यकाल पूरा किया।
शाह ने मालवीय को याद करते हुए कहा कि एक व्यक्ति अपना जीवन राष्ट्र, संस्कृति और युवाओं के बेहतर भविष्य के लिए कैसे समर्पित कर सकता है, इसका उत्कृष्ट उदाहरण पं. मदन मोहन मालवीय जी हैं। बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के संस्थापकों में शामिल मालवीय का जन्म 25 दिसंबर, 1861 को हुआ था और 12 नवंबर 1946 को उनका निधन हुआ।