महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री बाबा सिद्दीकी को गोली मारने के लिए इस्तेमाल की गई पिस्तौल प्रीपेड कूरियर सर्विस के जरिए आरोपी को भेजी गई थी। सूत्रों ने रविवार को इस हत्याकांड को लेकर कई बड़े खुलासे किए हैं। 66 साल के NCP नेता पर मुंबई के बांद्रा इलाके के खेर नगर में उनके विधायक बेटे जीशान सिद्दीकी के ऑफिस के ठीक बाहर तीन लोगों ने हमला किया और शनिवार रात को गोली मार दी। महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री को अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। कथित तौर पर शूटर्स ने 9.9 mm पिस्तौल से छह राउंड गोलियां चलाईं, जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया।
CNN-News18 ने सूत्रों के हवाले से बताया कि शुरुआत में ये हमला गणेशोत्सव में होने वाला था, लेकिन पिछले नाकाम हमलों को देखते हुए इसे टाल दिया गया था।
किराए के कमरे में रह रहे थे आरोपी
मुंबई पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, आरोपी 2 सितंबर से कुर्ला में एक किराए के कमरे में 14,000 रुपए महीने का किराया देकर रह रहा थे। उनमें से हर एक को सुपारी पर हत्या के लिए 50,000 रुपये मिले। सूत्रों से यह भी पता चला है कि तीनों आरोपियों की मुलाकात पंजाब की एक जेल में बंद होने के दौरान हुई थी।
मुंबई पुलिस मामले में अपनी जांच को आगे बढ़ाने के लिए उत्तर प्रदेश, दिल्ली और हरियाणा में कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ मिलकर काम कर रही है। घटनास्थल से छह गोलियों के खोल बरामद हुए हैं, जिससे पुष्टि होती है कि तीन गोलियां बाबा सिद्दीकी को लगीं, जबकि एक गोली पास खड़े एक शख्स को लगी।
बाबा सिद्दीकी ने इस साल फरवरी में कांग्रेस के साथ अपने चार दशक लंबे संबंधों तोड़ दिया और अजित पवार के नेतृत्व वाली NCP में शामिल हो गए थे। उन्हें दो हफ्ते पहले ही जान से मारने की धमकी मिली थी और उन्हें 'Y' कैटेगरी की सुरक्षा भी दी गई थी।
मुंबई पुलिस ने कहा है कि क्राइम ब्रांच ने अलग-अलग एंगल से मामले की जांच शुरू की है, जिसमें संभावित कॉन्ट्रैक्ट किलिंग, बिजनेस राइवलरी या झुग्गी पुनर्वास प्रोजेक्ट को लेकर विवाद भी शामिल है।
अब तक दो आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है- हरियाणा का रहने वाला 23 साल का गुरमेल बलजीत सिंह और उत्तर प्रदेश का मूल निवासी 19 साल का धर्मराज राजेश कश्यप।