Bihar Journalist Murder: बिहार के अररिया में पत्रकार विमल कुमार यादव की हत्या के मामले में चार लोगों को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है। अररिया के एसडीपीओ रामपुकार सिंह ने जानकारी दी कि शुक्रवार को रानीगंज पुलिस ने इस अपराध में कथित संलिप्तता को लेकर विपिन यादव, भावेश यादव, आशीष यादव और उमेश यादव को गिरफ्तार किया है। ये सभी गिरफ्तारियां अलग-अलग स्थानों से हुई हैं। इस मामले में आठ लोग आरोपी हैं। इसमें से चार को शुक्रवार को पुलिस ने हिरासत में लिया और बाकी दो आरोपी रुपेश यादव और क्रांति यादव अररिया जेल में बंद हैं और पुलिस उन्हें रिमांड पर ले रही है जबकि बाकी दो फरार हैं।
बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने इस घटना को लेकर आश्वासन दिया कि अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं। वहीं केंद्रीय राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने पत्रकार की हत्या पर बिहार सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि बिहार में कोई कानून व्यवस्था नहीं है। बिहार में धड़ल्ले से हत्याएं हो रही हैं और अपराधियों के हौंसले काफी बुलंद हो गए हैं। उन्होंने कहा कि बिहार देश में अपराध प्रदेश के रूप में उभर रहा है। वहीं जदयू नेता नीरज कुमार का कहना है कि 24 घंटे के भीतर ही पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पीड़ित के परिवार वालों ने जिन पर संदेह जताया था, उसे लेकर जेल में भी छापेमारी की गई और गहन जांच की गई। जदयू नेता नीरज कुमार ने कहा कि विपक्ष को सिर्फ अपराध के बारे में ही नहीं, बल्कि इस कार्रवाई पर भी बात करनी चाहिए।
शुक्रवार की सुबह एक स्थानीय दैनिक के लिए काम करने वाले विमल कुमार यादव की अररिया में उनके घर पर गोली मारकर हत्या कर दी गई। खबरों के मुताबिक कुछ अंजान लोगों ने उनके घर का दरवाजा खटखटाया और फटाफट गोली मारकर भाग गए। अररिया के एसपी अशोक कुमार सिंह का कहना है कि पोस्टमार्टम पोस्टमॉर्टम चल रहा है और हत्या स्थल पर डॉग स्क्वायड को भी बुलाया गया है। बता दें कि दो साल पहले विमल के सरपंच भाई की भी इसी तरह हत्या हुई थी। अनुमान लगाया जा रहा है कि दोनों मामले आपस में जुड़े हुए हैं क्योंकि विमल अपने भाई की हत्या का मुख्य गवाह था।