बिहार के 5 लाख टीचर्स को झटका, पटना हाई कोर्ट ने शिक्षकों के ट्रांसफर-पोस्टिंग पर लगाई रोक

Bihar Teacher Transfer Posting: हाई कोर्ट ने नीतीश कुमार की अगुवाई वाली NDA सरकार ने तबादला नीति को और स्पष्ट करने को कहा है। कोर्ट ने सरकार को तीन सप्ताह का समय दिया है। सरकार की ओर से हलफनामा दायर होने के बाद इसपर आखिरी फैसला लिया जाएगा। पिछले दिनों टीचर्स के लिए एक नई ट्रांसफर-पोस्टिंग पॉलिसी आई थी

अपडेटेड Nov 19, 2024 पर 3:27 PM
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Bihar Teacher Transfer Posting: औरंगाबाद के शिक्षकों की ओर से पॉलिसी का विरोध करते हुए पटना हाई कोर्ट में एक याचिका दायर की गई थी

Bihar Teacher Transfer Posting News: बिहार में करीब पांच लाख सरकारी टीचर्स को बड़ा झटका लगा है। शिक्षकों की ट्रांसफर पोस्टिंग फिलहाल अटक गई है। पटना हाईकोर्ट ने मंगलवार (19 नवंबर) को ट्रांसफर पोस्टिंग पर रोक लगा दी है। एक याचिका प सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने बिहार में शिक्षकों के तबादले पर रोक लगा दी है। इस आदेश से ट्रांसफर का इंतजार कर रहे लाखों शिक्षकों को बड़ा झटका लगा है। औरंगाबाद के कुछ शिक्षकों ने ट्रांसफर नीति के खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटाया था, जिसके बाद कोर्ट ने यह फैसला सुनाया।।

हाई कोर्ट ने नीतीश कुमार की अगुवाई वाली NDA सरकार ने तबादला नीति को और स्पष्ट करने को कहा है। कोर्ट ने सरकार को तीन सप्ताह का समय दिया है। अदालत ने कहा कि सरकार की ओर से हलफनामा दायर होने के बाद इसपर आखिरी फैसला लिया जाएगा। पिछले दिनों टीचर्स के लिए एक नई ट्रांसफर-पोस्टिंग पॉलिसी आई थी। 'च्वाइस पोस्टिंग' के लिए शिक्षा विभाग की तरफ से आवेदन भी लिए जा रहे थे।

मामले की सुनवाई जस्टिस प्रभात कुमार सिंह की अदालत में हुई। शिक्षकों की तरफ से वकील मृत्युंजय कुमार और सरकार की तरफ से वरिष्ठ वकील ललित किशोर पेश हुए। दोनों पक्षों को सुनने के बाद, हाईकोर्ट ने फिलहाल टीचर्स के ट्रांसफर और पोस्टिंग पर रोक लगा दी है। अदालत ने राज्य सरकार से तीन सप्ताह में स्थिति स्पष्ट करने को कहा है।


क्या है नई नीति?

दरअसल, बिहार सरकार ने हाल ही में शिक्षकों के ट्रांसफर-पोस्टिंग के लिए एक नई नीति लागू की थी। इसके तहत शिक्षकों से अपनी पसंद की जगह के लिए आवेदन मांगे गए थे। सरकार ने 22 नवंबर 2024 तक आवेदन की डेडलाइन तय की थी। इसके बाद, सरकार ने यह भी स्पष्ट किया था कि जो टीचर समय पर आवेदन नहीं करेंगे, उनका तबादला सरकार अपनी मर्जी से करेगी। शिक्षक संगठनों का आरोप है कि नीतीश सरकार टीचर्स को गुमराह करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि जो नियमावली बनाई गई है और जो प्रक्रिया आवेदन के दौरान हो रही है, उसमें काफी अंतर है।

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इस बीच, शिक्षकों के ट्रांसफर-पोस्टिंग को लेकर बिहार के शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने न्यूज 18 से कहा कि बहुत शिक्षकों और संगठनों के मन में बहुत सारी बातें थी। हमने मुख्यमंत्री के निर्देश पर फैसला लिया है कि ट्रांसफर नीति स्थगित रहेगी। उन्होंने कहा कि सारी परीक्षाएं जब पूरी हो जाएंगी तब ट्रांसफर पर फैसला होगा, जो मौजूदा नीति है उसमें बदलाव भी हो सकता है, जो नियुक्ति है वह भी होगी। मंत्री ने कहा कि बिहार में नए सिरे से ट्रांसफर पॉलिसी लाई जाएगी।

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