भारतीय जनता पार्टी (BJP) के एक विधायक ने महाराष्ट्र सरकार को पत्र लिखकर आरोप लगाया है कि बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMP) ने कोविड-19 से निपटने के लिए लागू लॉकडाउन के दौरान अपने अधिकारियों के पांच सितारा होटल में रहने पर करीब 35 करोड़ रुपए खर्च किए। BJP नेता मिहिर कोटेचा (BJP MLA Mihir Kotecha) ने उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) को लिखे एक पत्र में 2020 और 2021 में कथित रूप से करीब 35 करोड़ रुपए खर्च करने वाले अधिकारियों के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) से जांच कराए जाने की मांग की है।
कोटेचा ने आरोप लगाया कि कोरोना लॉकडाउन के दौरान 34.6 करोड़ रुपए खर्च किए गए। न्यूज एजेंसी पीटीआई से कहा, ‘‘इस प्रकार का व्यवहार इस बात पर प्रकाश डालता है कि बीएमसी को आम लोगों की कतई परवाह नहीं है, लेकिन वह अपने अधिकारियों को पांच सितारा होटल में रखती है।’’
कोटेचा के आरोपों को पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाले शिवसेना के धड़े को हाशिए पर लाने की BJP की एक और कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। शिवसेना पिछले तीन दशक से देश के सबसे अमीर नगर निकाय में सत्ता पर है।
विधायक ने कहा, ‘हमें यह भी भूलना चाहिए कि वैश्विक महामारी के दौरान अग्रिम मोर्चे पर खड़े होकर सेवाएं देने वाले मेडिकल कर्मियों को समय पर उनका भुगतान नहीं मिला। इस प्रकार का भ्रष्ट आचरण नगर निकाय को डुबो रहा है।’
मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली सरकार ने 31 अक्टूबर को नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) से महा विकास आघाडी (MVA) की पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में महामारी के दौरान मुंबई निकाय द्वारा किए गए कार्यों के आवंटन की जांच करने को कहा था। कैग ने महामारी के दौरान बीएमसी द्वारा कार्यों के आवंटन की जांच पिछले महीने शुरू की थी।