भारत में इन दिनों डॉक्टर (Doctors) तब से काफी नाराज हैं, जब से उन्हें ब्रांडेड दवाओं के बजाय जेनेरिक दवाएं (Generic Medicines) लिखने के लिए कहा गया है। डॉक्टरों ने इस 'केमिस्ट राज को बढ़ावा देने वाला' फैसला बताया है। नाराज डॉक्टरों ने सलाह दी कि इससे बेहतर है कि 'ब्रांडेड दवाएं बनानी बंद कर देनी चाहिए।' देश की शीर्ष मेडिकल संस्था, नेशनल मेडिकल कमिशन (NMC) के नए नोटिफिकेशन के अनुसार, डॉक्टरों को ब्रांडेड दवाएं लिखने से बचना चाहिए और ज्यादातर मामलों में जेनेरिक दवाएं लिखनी चाहिए। नोटिफिकेशन में कहा गया है कि बार-बार उल्लंघन करने पर लाइसेंस को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया जाएगा।
