Chhath Puja 2022: भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से छठ पूजा के दिन 'ड्राई डे (Dry day)' घोषित करने की मांग की है। दिल्ली बीजेपी के अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फेंस में कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में छठ महापर्व पर शराब की सभी दुकानें बंद होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हमने एक पत्र लिखकर सीएम केजरीवाल से दिल्ली में छठ पूजा पर ड्राई डे घोषित करने की मांग की है।
आदेश गुप्ता ने कहा, "आज हमने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को एक पत्र लिखकर मांग की है कि छठ महापर्व के दिन राष्ट्रीय राजधानी में ड्राई डे घोषित होनी चाहिए।" उन्होंने कहा कि छठ पूजा को लाखों पूर्वांचलवासी धूमधाम से मनाते हैं, इसलिए केजरीवाल को उनकी आस्था का सम्मान करना चाहिए।
गुप्ता ने कहा कि छठ महापर्व के दिन दिल्ली में शराब की दुकानें खुली रहती हैं। इसलिए त्यौहार की पवित्रता को बनाए रखने के लिए छठ वाले दिन दिल्ली में शराब बिक्री पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगना चाहिए। गुप्ता ने आरोप लगाया कि दिल्ली सरकार ने ड्राई डे की संख्या 21 से घटाकर तीन कर दी है।
आपको जानकारी के लिए बता दें कि चार दिवसीय छठ महापर्व आज यानी शुक्रवार को नहाय-खाय के साथ शुरू होगा और सोमवार की सुबह सूर्य देव को अर्घ्य देने के साथ समाप्त होगा। जलाशयों और नदियों में मुख्य अनुष्ठान 30 अक्टूबर की शाम और अगले दिन सुबह होगा।
'यमुना में खतरनाक रसायन का छिड़काव कर रही है दिल्ली सरकार'
इस बीच बीजेपी सांसद मनोज तिवारी ने दिल्ली सरकार पर छठ पूजा से पहले यमुना से झाग हटाने के लिए उसमें जहरीले रसायन का छिड़काव करने का आरोप लगाया है। बता दें कि छठ पूजा के दौरान श्रद्धालु नदी में पूजा करते हैं और डुबकी लगाते हैं।
उत्तर पूर्वी दिल्ली के सांसद तिवारी ने दावा किया कि हमने यमुना की प्रदूषण की स्थिति का जायजा लेने के लिए कालिंदी कुंज क्षेत्र का दौरा किया। हमें यह देखकर आश्चर्य हुआ कि झाग को छिपाने के लिए एक बहुत ही जहरीले रसायन का छिड़काव किया जा रहा था। जो लोग छिड़काव कर रहे थे वह हमें देखकर तुरंत भाग गए। हमने शिकायत दर्ज कराई है।
बीजेपी के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए, आम आदमी पार्टी (AAP) विधायक एवं दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) के उपाध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा कि बीजेपी नेताओं को साइंस और टेक्नोलॉजी के बारे में कुछ सीखना चाहिए। डीजेबी की ‘एंटी-फोमिंग’ रासायनिक तकनीक की सिफारिश केंद्र सरकार के एनएमसीजी (राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन) ने भी की है।
'केजरीवाल को यमुना में डुबकी लगाने की चुनौती'
वहीं, पश्चिमी दिल्ली के बीजेपी सांसद परवेश साहिब सिंह वर्मा ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को यमुना में डुबकी लगाने की चुनौती दी। उन्होंने आरोप लगाया कि ‘आप’ प्रमुख का गाजीपुर ढलाव घर का दौरा नदी में प्रदूषण के मुद्दे से ध्यान हटाने की एक चाल है। उन्होंने कहा कि वह (केजरीवाल) कहते हैं कि उन्होंने यमुना को साफ कर दिया है और डुबकी लगाएंगे। मैं उनसे अब से दो दिन बाद नदी में डुबकी लगाने का आह्वान करता हूं।
दिल्ली विधानसभा में विपक्ष के नेता रामवीर सिंह बिधूड़ी ने एक बयान में कहा कि केजरीवाल हमेशा हिंदू त्योहारों, खासकर छठ पूजा के दौरान यमुना की सफाई को याद करते हैं। उन्होंने कहा कि केजरीवाल पिछले 8 सालों से ऐसा कर रहे हैं और लोग अब इसे समझ रहे हैं। क्योंकि हर बार डुबकी लगाने की बात करने वाले केजरीवाल ने यमुना की सफाई के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। यह अमोनिया फास्फोरस की सफेद चादर के रूप में स्पष्ट है। मां यमुना के ऊपर झाग तैर रहा है।
झाग से भरी यमुना में पूजा करने को मजबूर श्रद्धालु
पिछले साल, ऐसी वीडियो और तस्वीरें सामने आई थी जिनमें दिख रहा था कि छठ के दौरान श्रद्धालु झाग से भरी यमुना में पूजा कर रहे थे। इसके बाद आप और बीजेपी के बीच राजनीतिक खींचतान शुरू हो गई थी। फिर दिल्ली सरकार ने झाग को दूर करने के लिए बांस की जाली लगाने और पानी के छिड़काव जैसे उपाय किए। हालांकि, इस साल भी कोई बदलाव देखने को नहीं मिल रहा है। यमुना में आज भी झाग दिख रहा है।